सहारनपुर में सड़कों पर उतरे शिया समुदाय के लोगों ने इजराइल और अमेरिका के खिलाफ नारेबाजी की और अपने धार्मिक नेता की मौत पर दुख जताया। प्रदर्शनकारियों में महिलाएं भी शामिल रही।
iran israel war ईरान के सुप्रीम धार्मिक नेता अयातुल्लाह सैयद अली खामेनेई की मौत के विरोध में सहारनपुर में भी प्रदर्शन हुआ। यहां शिया समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए। भीड़ ने शांतिपूर्ण तरीके से अपने गुस्से का इजहार किया। जुलूस छोटा इमाम वाड़ा से शुरू हुआ और चौकी सराय से होकर कोतवाली सिटी की ओर बढ़ने लगा। इस जुलूस में पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं भी शामिल थी। प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान अमेरिका और इजराइल के खिलाफ नारेबाजी की। जब प्रदर्शनकारी निर्धारित रूट से बिखरने लगे तो पुलिस कर्मियों ने प्रदर्शनकारियों के वापस कर दिया।
जुलूस में सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों में सिर्फ पुरुष ही नहीं थे बल्कि बड़ी संख्या में महिलाएं थी। इन लोगों ने अमेरिका और इजराइल के खिलाफ नारेबाजी की। यह अलग बात है कि पुलिस ने इस प्रदर्शन को शांतिपूर्ण मान रही है। पुलिस प्रशासन की ओर से बयान दिया गया है प्रदर्शनकारियों ने कोई उपद्रव नहीं किया। जब वह निर्धारित रूट से आगे बढ़ रहे थे तो उन्हे रोक दिया गया और वापस कर दिया गया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस टीमें भी इन पर कड़ी नजर रखे हुई थी और शांति बनाए रखने की अपील कर रही थी।
शिया समुदाय के प्रबंधक दानिश आब्दी ने कहा कि यह जुलूस उनके धार्मिक गुरु और अयातुल्लाह सैयद अली खामनेई की मौत हो जाने के दुख को जताने के लिए हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शन का मतलब किसी तरह की हिंसा फैलाना या तनाव फैलाना नहीं है केवल शोक और संवेदना व्यक्त करने का तरीका है। इन लोगों ने यह भी कहा कि उनके धार्मिक गुरु की मौत नहीं हुई है वह शहीद हुए हैं उन्हे धोखे से मारा गया है। वह शहीद हुए हैं।