
राघव चड्ढा की सुरक्षा को लेकर प्रतीकात्मक तस्वीर | Photo - Gemini AI
Raghav Chadha Z Security Cost : आम आदमी पार्टी और राज्य सभा सांसद राघव चड्ढा के बीच तनाव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। बताया जा रहा है पंजाब की मान सरकार ने राघव को दी गई (Z+ security) सुरक्षा को वापल ले लिया। उसके बाद केंद्र सरकार की ओर से Z सिक्योरिटी दी गई है। ये सुरक्षा कवच देश के टॉप नेताओं को मिलती है। इस पर लाखों का खर्च आता है। आइए, Z सिक्योरिटी के बारे में काम की बातें समझते हैं।
जेड लेवल सिक्योरिटी का मतलब है कि सुपर लेवल की सुरक्षा। इसके लिए 22 सुरक्षा पर्सनल होते हैं। इसमें 4-6 एनएसजी कमांडो भी होते हैं। इसके अलावा बुलेटप्रूफ गाड़ी होती है। ऐसी सुरक्षा हाई लेवल राजनेता और सेलेब्स को दी जाती है।
हालांकि, सबसे सुपर सिक्योरिटी Z+ security होती है। ये पीएम, गृहमंत्री आदि को मिलती है।
| सुरक्षा श्रेणी | कुल सुरक्षाकर्मी | NSG कमांडो की संख्या | वाहन और विशेषता | प्रमुख उदाहरण |
|---|---|---|---|---|
| Z+ Security | 55 | 10+ | बुलेटप्रूफ गाड़ियां, पायलट वाहन, अत्याधुनिक संचार उपकरण | अमित शाह, योगी आदित्यनाथ, मुकेश अंबानी |
| Z Security | 22 | 4 से 6 | एस्कॉर्ट वाहन और कम से कम 1 बुलेटप्रूफ गाड़ी | हाई-प्रोफाइल नेता और विशिष्ट हस्तियां |
| Y+ Security | 11 | 2 से 4 | 2 से 3 वाहनों का काफिला, करीबी सुरक्षा (PSO) | मध्यम खतरे वाले व्यक्ति |
| Y Security | 8 | 1 से 2 | 1 या 2 गाड़ियां, बुनियादी सुरक्षा | सार्वजनिक क्षेत्र में सक्रिय लोग |
| X Security | 2 | 0 (कोई नहीं) | केवल 2 सशस्त्र पुलिस अधिकारी (PSO) | सामान्य खतरे वाले व्यक्ति |
जेड सेक्योरिटी को लेकर हर माह लाखों का खर्च होता है। अलग-अलग रिपोर्ट्स में इसका खर्च करीब 15-20 लाख रुपए बताया जाता है। इस हिसाब से केवल सुरक्षा पर हर साल करोड़ों रुपए खर्च होते हैं। ये खर्च सरकार वहन करती है।
Z+ और Z श्रेणी में मुख्य रूप से 'नेशनल सिक्योरिटी गार्ड' (NSG) के जवान शामिल होते हैं, जिन्हें 'ब्लैक कैट' कमांडो भी कहा जाता है। ये सुपर लेवल की सुरक्षा प्रदान करते हैं।
Updated on:
15 Apr 2026 04:33 pm
Published on:
15 Apr 2026 04:33 pm
