
हर्बल सौंदर्य उत्पाद के फायदे (representative image)| image credit gemini
Environmental Impact of Cosmetics Chemical: रोज इस्तेमाल होने वाले शैंपू, फेसवॉश और मेकअप प्रोडक्ट्स सिर्फ त्वचा ही नहीं, पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। इनमें मौजूद सल्फेट, सिलिकॉन और माइक्रोप्लास्टिक जैसे केमिकल नदियों को प्रदूषित कर रहे हैं और जलीय जीवों के लिए खतरा बन चुके हैं। एक्सपर्ट्स अब हर्बल और Sustainable Beauty Products अपनाने की सलाह दे रहे हैं। आइए सौंदर्य विशेषज्ञ कुलसुम मलिक से इसके बारे में क्या करना चाहिए और क्या नहीं जानते हैं।
लिक्विड शैंपू में सल्फेट और सिलिकॉन जैसे घातक रसायन होते हैं, जो नहाते समय नालियों से सीधे नदियों में जाते हैं। ये केमिकल मछलियों को भारी नुकसान पहुंचाते हैं और पानी को एसिडिक बनाते हैं। साबुन में मौजूद रसायन पानी में काई का जमाव बढ़ाते हैं, जिससे नदियों में ऑक्सीजन कम हो जाती है और जलीय जीवों का दम घुटता है। इनकी बनावट खुशबू और माइक्रोप्लास्टिक पानी को इतना गंदा करते हैं कि ट्रीटमेंट प्लांट भी इन्हें पूरी तरह साफ नहीं कर पाते। यह जल प्रदूषण का बड़ा कारण हैं।
ब्यूटी इंडस्ट्री हर साल लगभग 120 अरब प्लास्टिक पैकेट बनाती है। इसका 95 प्रतिशत हिस्सा कचरे में जाता है। शोध कहते हैं कि यह प्लास्टिक 450 सालों तक गलता नहीं। यह कचरा समुद्रों में जाकर माइक्रोप्लास्टिक में टूटता है, जिसे मछलियां खाती हैं और अंततः यह फूड चेन के जरिए इंसानों के पेट में पहुंच जाता है। Beauty products की बढ़ती खपत प्लास्टिक कचरे को तेजी से बढ़ा रही है।
आसानी से गलना: आंवला, शिकाकाई, हल्दी और एलोवेरा जैसे प्राकृतिक तत्व आसानी से मिट्टी और पानी में घुल-मिल जाते हैं। ये किसी तरह का प्रदूषण नहीं फैलाते।
पानी और ऊर्जा की बचत: घर पर बना सॉलिड शैंपू या हर्बल पाउडर को बालों से छुड़ाने के लिए पानी का इस्तेमाल केमिकल शैंपू की तुलना में बेहद कम होता है। इससे प्राकृतिक संसाधनों की बचत होती है।
प्लास्टिक से छुटकारा: कई हर्बल ब्रांड अब कांच या कागज की पैकिंग का इस्तेमाल करते हैं। इससे धरती पर कचरा कम होता है।
त्वचा का असली पोषण: जड़ी-बूटियों में मौजूद प्राकृतिक तत्व त्वचा को पोषण देते हैं और उसे लंबे समय के लिए तरोताजा बनाते हैं।
बदलाव की शुरुआत हमेशा छोटे कदमों से होती है। अगली बार बाजार जाएं, तो प्रोडक्ट का लेबल जरूर पढ़ें। सल्फेट-फ्री, पैराबेन-फ्री और नेचुरल प्रामाणिक प्रोडक्ट ही चुनें। हमेशा सही सर्टिफिकेशन की जांच जरूर करें। आप बालों में रीठा या चेहरे के लिए घर पर बने उबटन जैसे जीरो वेस्ट विकल्प भी अपना सकते हैं।
Published on:
03 Jun 2026 05:33 pm
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