
दिल्ली हाई कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला
Delhi High Court IVF Verdict: दिल्ली हाई कोर्ट ने एक महिला की याचिका पर सुनवाई करते हुए उसे अपने सैनिक पति के साथ संतान पैदा करने के लिए इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) प्रक्रिया अपनाने की मंजूरी दे दी है। बता दें कि महिला का पति वर्तमान में 'पर्सीस्टेंट वेजिटेटिव स्टेट' (कोमा जैसी स्थिति) में है और डॉक्टरों के अनुसार उसके ठीक होने की संभावना न के बराबर है।
जस्टिस पुरुशेंद्र कुमार कौरव ने इस मामले में भागवत पुराण का उल्लेख करते हुए बेहद भावुक और तार्किक टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि किसी को माता-पिता बनने का सौभाग्य मिलेगा या नहीं, यह पूरी तरह से 'दैव' (किस्मत) पर निर्भर करता है। मेडिकल बोर्ड ने आशंका जताई थी कि जवान के शरीर में जीवित शुक्राणु मिलना मुश्किल है, जिस पर कोर्ट ने कहा कि जो चीज शारीरिक रूप से असंभव लग रही है, उस पर जिद करके याचिकाकर्ता की किस्मत में दखल नहीं देना चाहिए।
दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए स्पष्ट किया कि केवल कानूनी प्रक्रियाओं के कठोर पालन के नाम पर न्याय के मूल उद्देश्य और एक महिला के मानवीय अधिकारों की अनदेखी नहीं की जा सकती। अदालत ने इस तथ्य को स्वीकार किया कि याचिकाकर्ता और उसके सैनिक पति ने जून 2023 में अपनी मर्जी और आपसी सहमति से संतान प्राप्ति के लिए IVF प्रक्रिया को अपनाने का ठोस निर्णय लिया था। जस्टिस पुरुशेंद्र कुमार कौरव ने अपने फैसले में यह व्यवस्था दी कि 'असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (रेगुलेशन) एक्ट' (ART Act) के दायरे में, जवान द्वारा कोमा में जाने से पहले दी गई पुरानी सहमति को ही वर्तमान परिस्थितियों में भी वैध और प्रभावी माना जाएगा। कोर्ट ने एक प्रगतिशील रुख अपनाते हुए यह भी कहा कि इस असाधारण और चुनौतीपूर्ण स्थिति में, पत्नी द्वारा व्यक्त की गई सहमति को ही उसके पति की ओर से दी गई कानूनी सहमति के रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए, ताकि पीड़ित परिवार के प्रजनन स्वायत्तता और गरिमापूर्ण जीवन के अधिकार की रक्षा हो सके।
याचिकाकर्ता के अनुसार, उन्होंने साल 2023 में बच्चा पैदा करने के लिए चिकित्सा सहायता लेने का निर्णय लिया था। लेकिन जुलाई 2025 में गश्त के दौरान ऊँचाई से गिरने के कारण जवान के सिर में गंभीर चोट आई, जिससे वह कोमा में चले गए। इसके बाद आर्मी अस्पताल ने IVF प्रक्रिया रोक दी थी, जिसे अब कोर्ट के आदेश के बाद दोबारा शुरू किया जा सकेगा।
Updated on:
15 Apr 2026 06:41 pm
Published on:
15 Apr 2026 06:38 pm
