कांग्रेस की केरल में सत्ता वापसी में कांग्रेस महासचिव व केरल के वरिष्ठ पर्यवेक्षक सचिन पायलट की भी अहम भूमिका रही है। पायलट को ऐसे समय वरिष्ठ पर्यवेक्षक बनाकर केरल भेजा गया, जब वहां के वरिष्ठ नेताओं के बीच दूरियां स्पष्ट नजर आ रही थी। ऐसे में पायलट ने सभी नेताओं को एकजुट कर पार्टी की जीत के लिए काम करने के लिए प्रेरित किया।
नई दिल्ली। कांग्रेस की केरल में सत्ता वापसी में कांग्रेस महासचिव व केरल के वरिष्ठ पर्यवेक्षक सचिन पायलट की भी अहम भूमिका रही है।
दरअसल, पायलट को ऐसे समय वरिष्ठ पर्यवेक्षक बनाकर केरल भेजा गया, जब वहां के वरिष्ठ नेताओं के बीच दूरियां स्पष्ट नजर आ रही थी। ऐसे में पायलट ने सभी नेताओं को एकजुट कर पार्टी की जीत के लिए काम करने के लिए प्रेरित किया।
इसके साथ ही पायलट ने 55 से अधिक कांग्रेस विधानसभा क्षेत्रों में जाकर जनसभाएं, डोर-टू-डोर अभियान और रोड शो किए। केरल के कुल 14 जिलों में से 10 जिलों का दौरा किया।