5 मई 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

केरल में राहुल-प्रियंका के नाम का डंका, असम में हुए विफल

केरल में कांग्रेस को जीत दिलाने में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और वायनाड सांसद प्रियंका गांधी का बड़ा हाथ रहा है। वहीं असम में प्रियंका को स्क्रीनिंग कमेटी का अध्यक्ष बनाना भी कांग्रेस के काम नहीं आया है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का केरल के वायनाड से जुड़ाव का असर विधानसभा चुनाव में देखने को मिला है। दोनों ने यहां बड़ी संख्या में सभाएं व रोड शो किए। इसके अलावा के.सी.वेणुगोपाल, शशि थरूर जैसे नेताओं की दूरियां मिटाई गई और सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ा।

less than 1 minute read
Google source verification

नई दिल्ली। केरल में कांग्रेस को जीत दिलाने में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और वायनाड सांसद प्रियंका गांधी का बड़ा हाथ रहा है। वहीं असम में प्रियंका को स्क्रीनिंग कमेटी का अध्यक्ष बनाना भी कांग्रेस के काम नहीं आया है।

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का केरल के वायनाड से जुड़ाव का असर विधानसभा चुनाव में देखने को मिला है। दोनों ने यहां बड़ी संख्या में सभाएं व रोड शो किए। इसके अलावा के.सी.वेणुगोपाल, शशि थरूर जैसे नेताओं की दूरियां मिटाई गई और सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ा। चुनाव से पहले किसी भी नेता को पार्टी का चेहरा घोषित नहीं किया गया। इसके चलते केरल में कांग्रेस की दस साल बाद सत्ता में वापसी हो रही है।

असम: लगा ही नहीं जीतने के लिए लड़ रही कांग्रेस

असम में चुनाव के दौरान कभी नहीं लगा कि कांग्रेस यहां जीतने के लिए चुनाव लड़ रही है। भले ही प्रियंका गांधी को कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी की अध्यक्ष बनाया गया था, लेकिन असम में भीतरघात, स्थानीय नेताओं की बगावत, प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष के बीच दूरी के चलते उन्होंने ज्यादा रूचि नहीं ली। इसका असर प्रचार में भी दिखा, जहां राहुल-प्रियंका ने कम रैलियां की।