lawrence bishnoi: दिल्ली की आईबी टीम और धौलाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गांव खिचरा से गिरफ्तार अजीम राणा ने पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
lawrence bishnoi: दिल्ली की आईबी टीम और धौलाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गांव खिचरा से गिरफ्तार अजीम राणा ने पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपी न केवल पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के संपर्क में था, बल्कि उसे भारतीय मंदिरों, धार्मिक स्थलों और अन्य संवेदनशील ठिकानों की वीडियो भी भेज रहा था। अजीम भारत में जासूसों का एक बड़ा नेटवर्क तैयार करने की साजिश रच रहा था। सबसे सनसनीखेज खुलासा यह हुआ कि उसने पाकिस्तानी गैंगस्टर से आधुनिक हथियारों की मांग की थी ताकि वह उसके दुश्मन लॉरेंस बिश्नोई की हत्या कर सके।
आईबी की पूछताछ में यह भी सामने आया है कि अजीम राणा ने इस काली साजिश में अपने सगे भांजे को भी शामिल कर लिया था। उसने बाकायदा वीडियो कॉल के जरिए भांजे की बात पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी से कराई थी, जिसके पुख्ता ऑडियो और वीडियो सबूत आईबी ने बरामद कर लिए हैं। हालांकि, अभी यह रहस्य बना हुआ है कि पाकिस्तानी गैंगस्टर आखिर इन संवेदनशील जगहों की रेकी क्यों करवा रहा था और इसके बदले अजीम को कोई बड़ी फंडिंग मिल रही थी या नहीं। पुलिस और आईबी की संयुक्त टीमें अब इसी 'मनी ट्रेल' और साजिश के पीछे के असल मकसद की गहराई से तफ्तीश कर रही हैं।
पाकिस्तान का कुख्यात डॉन शहजाद भट्टी और लॉरेंस बिश्नोई गैंग के बीच वर्चस्व की खूनी जंग (गैंगवार) जारी है। शहजाद भट्टी कोई मामूली अपराधी नहीं, बल्कि हथियारों की तस्करी और नशे के काले कारोबार का अंतरराष्ट्रीय चेहरा है। भारतीय खुफिया एजेंसियों का मानना है कि भट्टी को सीधे तौर पर पाकिस्तानी एजेंसी ISI का संरक्षण प्राप्त है। वह सीमा पार से ड्रोन के जरिए भारत में हथियारों और ड्रग्स की खेप भेजने वाले नेटवर्क का मुख्य सिंडिकेट चलाता है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद दुश्मनी में बदल गई
कभी एक-दूसरे के बेहद करीबी रहे पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी और लॉरेंस बिश्नोई अब जानी दुश्मन बन चुके हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि शुरुआती दिनों में लॉरेंस गैंग हथियारों की सप्लाई के लिए इंटरनेट मीडिया के जरिए भट्टी के संपर्क में रहता था। साल 2024 में ईद के मौके पर दोनों की एक वीडियो कॉल भी वायरल हुई थी, जिसमें भट्टी ने लॉरेंस को 'भाई' बताते हुए अपनी गर्दन कटवाने तक की वफादारी की कसमें खाई थीं।
हालांकि, यह दोस्ती 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद दुश्मनी में बदल गई। जब लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने पाकिस्तानी आतंकी हाफिज सईद को खुलेआम धमकी देते हुए बदला लेने का ऐलान किया, तो शहजाद भट्टी भड़क गया। उसने लॉरेंस और उसके भाई अनमोल बिश्नोई को जान से मारने की धमकी दे डाली। इस दुश्मनी ने तब और हिंसक रूप ले लिया जब फरवरी 2026 में पुर्तगाल में शहजाद भट्टी पर जानलेवा हमला हुआ, जिसकी जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने लेकर सनसनी मचा दी।
शहजाद भट्टी कराची या पाकिस्तान के अन्य हिस्सों से आपरेट करता है। उसका काम भारत में युवाओं को इंटरनेट मीडिया के जरिए भर्ती करना, ड्रोन से हथियार सप्लाई करना, ग्रेनेड अटैक, रेकी और बड़े हमलों की साजिश रचना है। 30 नवंबर 2025 को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक इंटरनेशनल और इंटरस्टेट टेरर-गैंगस्टर माड्यूल का पर्दाफाश किया, जिसे शहजाद भट्टी चलाता था।
इस दौरान पंजाब के हरगुनप्रीत सिंह, मध्यप्रदेश के विकास प्रजापति और बिजनौर के आसिफ को गिरफ्तार किया गया था। सभी इंटरनेट मीडिया एप्स के जरिए भर्ती हुए थे। यह डिस्पोजेबल फुट सोल्जर्स की तरह इस्तेमाल होते थे। यानी छोटे-छोटे अटैक करवाकर खत्म कर दिए जाते। इन्हीं आरोपितों ने 25 नवंबर 2025 को पंजाब के गुरदासपुर सिटी पुलिस स्टेशन के बाहर ग्रेनेड फेंका गया था।