
Ghaziabad Crime News:गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पड़ोसी ने सात वर्षीय मासूम को बहाने से कमरे में बुलाकर उसके साथ 'डिजिटल रेप' किया। हद तो तब हो गई जब विरोध करने पर आरोपी ने बच्ची के पिता पर जानलेवा हमला कर दिया और आरोपी के साले ने भी शिकायत करने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी।
क्रॉसिंग रिपब्लिक थानाक्षेत्र में एक सात वर्षीय मासूम बच्ची से 'डिजिटल रेप' का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए दो लोगों के खिलाफ दुष्कर्म सहित अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। पीड़ित बच्ची की मां, जो एक सोसाइटी में काम करती है, ने पुलिस को बताया कि घटना 15 मार्च की है। उस वक्त वह और उनके पति जो मजदूरी करते हैं काम पर गए हुए थे और घर पर उनके दोनों बच्चे अकेले थे। शाम करीब 6 बजे, उनके 12 वर्षीय बेटे ने फोन कर इस खौफनाक वारदात की जानकारी दी। बेटे ने बताया कि पड़ोस में रहने वाले देवेन्द्र ने उसकी सात साल की बहन को बहाने से अपने कमरे में बुलाया और उसके साथ जोर-जबरदस्ती व अश्लील हरकतें कीं, जिससे बच्ची बिलख-बिलख कर रो रही थी।
शिकायत के अनुसार, जब परिवार ने इस घिनौनी करतूत का विरोध किया, तो आरोपी ने बच्ची के पिता पर हमला कर दिया। इतना ही नहीं, आरोपी के साले ने भी शिकायत करने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए नामजद एफआईआर दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
महिला का कहना है कि वह एक घंटे में घर पहुंच गई। बेटी से पूछने पर उसने बताया कि दोपहर के वक्त वह पड़ोस में रहने वाली सहेली के साथ खेल रही थी, जबकि भाई दूसरी तरफ खेल रहा था। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले देवेंद्र ने उसे अपने कमरे में बुलाया। कमरे में जाते ही देवेंद्र ने दरवाजा बंद कर लिया और उसके साथ अश्लील हरकत करने लगे। बेटी ने बड़े भाई को आवाज लगाकर बुला लिया, जिसने दरवाजे को खोला और वह तेजी से बाहर निकल गई।
कानूनी भाषा में 'डिजिटल रेप' का अर्थ इंटरनेट या तकनीक से जुड़ा अपराध नहीं है, बल्कि यह शारीरिक शोषण का एक गंभीर रूप है। अंग्रेजी में उंगलियों और अंगूठे को 'Digits' कहा जाता है, इसीलिए जब कोई अपराधी किसी महिला या बच्ची की सहमति के बिना उसके निजी अंगों में अपनी उंगली या अंगूठे का प्रयोग करता है, तो उसे 'डिजिटल रेप' की श्रेणी में रखा जाता है। भारतीय कानून और POCSO एक्ट के तहत इसे सामान्य बलात्कार के समान ही जघन्य अपराध माना गया है, जिसमें दोषी को कठोर कारावास या उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है।
Published on:
19 Mar 2026 12:50 pm
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