
Punjab Drug Case: आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की तारीफ करते हुए शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया पर निशाना साधा है। सिसोदिया ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि पंजाब पुलिस की ओर से अदालत में दाखिल आरोपपत्र में मजीठिया पर ड्रग्स बेचकर 736 करोड़ रुपये कमाने और इस रकम को अपनी कंपनियों के बैंक खातों में जमा कराने के आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि भगवंत मान ने मजीठिया के खिलाफ कार्रवाई करके नशे के कारोबार के विरुद्ध लड़ाई लड़ी है।
सिसोदिया ने कहा कि पंजाब में 2007 से 2017 के बीच अकाली दल और बीजेपी की सरकार के दौरान ‘चिट्टा’ यानी नशीले पदार्थों का प्रचलन बढ़ा। उनके मुताबिक, उस समय मजीठिया इतने प्रभावशाली थे कि उनके खिलाफ बोलने की हिम्मत बहुत कम लोग जुटा पाते थे।
मनीष सिसोदिया ने अपने पोस्ट में कहा कि भगवंत मान ने मजीठिया के खिलाफ कार्रवाई की और अब उनके खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मजीठिया को ड्रग्स के कारोबार से कमाई हुई रकम के मामले में जवाब देना होगा। सिसोदिया ने यह भी दावा किया कि भगवंत मान की सरकार ने पंजाब में पाकिस्तान से आने वाले नशीले पदार्थों की आपूर्ति को काफी हद तक कम किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब ज्यादातर ड्रग्स गुजरात से पंजाब पहुंच रहे हैं और इसी वजह से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा मजीठिया एक साथ आ गए हैं।
सिसोदिया ने अपने बयान में आरोप लगाया कि भगवंत मान की नशे के खिलाफ कार्रवाई को रोकने के लिए उनके विरोधी एकजुट हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने नशे के खिलाफ अभियान चलाकर अपनी जान जोखिम में डालते हुए लड़ाई लड़ी है। हालांकि, मजीठिया पर लगाए गए आरोपों और ड्रग्स की आपूर्ति को लेकर सिसोदिया के दावों को उनके राजनीतिक बयान के रूप में देखा जाना चाहिए। आरोपपत्र दाखिल होना अपने आप में आरोप साबित होने के बराबर नहीं है। मामले में अंतिम निष्कर्ष अदालत की कार्यवाही के बाद ही निकलेगा।