क्या आपके साथ ऐसा कभी हुआ है कि मच्छर आपका खून चूस रहे हों और आपके साथ बैठे शख्स का नहीं? अगर ऐसा आपके साथ अक्सर होता है तो परेशान न हों। कई लोगों को इस समस्या का सामना करना पड़ता है। कुछ लोगों को बाकी लोगों से ज्यादा मच्छर काटते हैं। यह बात सच भी है।
दरअसल, कुछ लोगों को मच्छर अधिक काटते हैं क्योंकि मच्छरों का काटना लोगों के जींस, पसीने की गंध एवं रंग पर भी निर्भर करता है। एक शोध में यह बात सामने आई है कि यदि माता-पिता में से किसी एक को अधिक मच्छर काटते हैं तो ऐसा आपके साथ भी हो सकता है, मच्छरों के काटने में फर्क एक ही माता-पिता की कई संतानों में भी हो सकता है क्योंकि मच्छर का काटना ब्लड ग्रुप पर निर्भर करता है।
O ब्लड ग्रुप वाले लोगों को ज्यादा काटते हैं मच्छर-
अमेरिका की पब्लिक लाइब्रेरी ऑफ साइंस में हुए एक शोध के अनुसार ओ ब्लड ग्रुप वालों को मच्छर अधिक काटते हैं। रिपोर्ट के अनुसार हमारे ब्लड में प्रोटीन होते हैं और इसकी मात्रा ओ ब्लड ग्रुप वाले लोगों में अधिक होती है, ऐसे लोगों को ए ब्लड ग्रुप की तुलना में दोगुना ज्यादा मच्छर काटते हैं, जबकि बी ब्लड ग्रुप वाले लोगों को मच्छर सामान्यतः रूप से काटते हैं।
पसीने की गंध से आकर्षित होते हैं मच्छर-
शोध में सामने आया है कि मच्छर पसीने की गंध से आकर्षित होते हैं, जिनको पसीना अधिक आता है मच्छर उन्हें ज्यादा काटते हैं, पसीने में लैक्टिक एसिड, यूरिक एसिड तथा अमोनिया जैसे तत्व होते हैं और जो मच्छरों को अधिक आकर्षित करते हैं।
रंगों से भी होते हैं आकर्षित-
शोध के अनुसार मच्छरों में देखने और रंगों की पहचान करने की भी क्षमता होती है, ये लाल, नीले, जामुनी और काले जैसे रंगों को आसानी से पहचान लेते हैं, यदि आपने ऐसे रंग के कपड़े पहने हैं तो आपको मच्छर अधिक काटेंगे।
गर्भवती महिलाओं को ज्यादा काटते हैं मच्छर-