मेरठ में युवा सड़कों पर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं और मोडिफाइड साइलेंसर से पटाखों जैसी आवाज निकाल रहे हैं।
NCR News एनसीआर के मेरठ में हर पांचवी बाइक में पटाखे जैसी तेज आवाज निकालने वाला मोडिफाइड साइलेंसर लगा है ! ऐसा हम नहीं कर रहे बल्कि मेरठ पुलिस की कार्रवाई में इस बात का खुलासा हुआ है। दरअसल मेरठ पुलिस ने मोडिफाई साइलेंसर लगे वाहनों की जांच की तो यह ग्राफ सामने आया।
पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक करीब 332 वाहनों की जांच की गई तो इनमें से 44 वाहनों में मोडिफाइड साइलेंसर लगे हुए थे। जन बूझकर की इस गलती पर पांच वाहनों को सीज कर दिया गया जबकि बाकी के खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई, उनके चालान किए गए। यानी बाकी के वाहन स्वामियों पर तगड़ा फाइन लगाया गया।पुलिस की इसी कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि मेरठ में हर पांचवी बाइक में मोडिफाइड साइलेंसर लगा है।
पुलिस को लगातार शिकायत मिल रही थी कि मेरठ क्षेत्र में युवा बाइक से पटाखे जैसी आवाज निकालते हैं। इससे सीनियर सिटीजन और हृदय रोगियों को परेशानी होती है। इनके साथ ही गलियों में कॉलोनी में छोटे बच्चे भी डर जाते हैं। लगातार मिल रही इन शिकायतों के बाद जब पुलिस ने जांच कराई तो 332 वाहनों में से 44 बाइक में मोडिफाई साइलेंसर मिले। इतनी बड़ी संख्या में मोडिफाई साइलेंसर लगे होने पर अब मेरठ ट्रैफिक पुलिस ने मेरठ के लोगों से अपील की है कि वह अपने वाहनों में मोडिफाइड साइलेंसर ना लगवाएं। यह भी अपील की है कि नाबालिक बच्चों के हाथ में दुपहिया वाहन और चार पहिया वाहन बिल्कुल ना दें। इसके साथ ही ट्रैफिक नियमों का सही से पालन करने की अपील की गई है। अपील करने के साथ ही ट्रैफिक पुलिस ने यह भी कहा है कि अब चेकिंग निरंतर चलेगी और चेकिंग के दौरान अगर मोडिफाई साइलेंसर बाइक में लगेंगे मिले, नाबालिक बच्चे बाइक चलाते हुए मिले या फिर जानबूझकर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने की घटना सामने आती है तो ऐसे वाहन स्वामियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी