दिल्ली महिला आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए एसएचओ और स्कूल प्रिंसिपल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। स्वाति मालीवाल ने मांग की है कि अपराधी को नए कानून के मुताबिक 6 महीने में फांसी होनी चाहिए।
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के कनॉटप्लेस स्थित गोल मार्केट के पास एक सराकरी स्कूल में दूसरी कक्षा की छात्रा से रेप मामले में दिल्ली महिला आयोग (DCW) ने सख्त रूख अख्तियार कर लिया है। दिल्ली महिला आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए एसएचओ और स्कूल प्रिंसिपल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। DCW अध्यक्ष स्वाति मालीवाल (स्वाति जयहिन्द) ने कहा कि राजधानी में बच्चियों और महिलाओं के प्रति लगातार अपराध बढ़ते चले जा रहे हैं। हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि अब स्कूलों के अंदर भी बच्चियां सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि स्कूलों के लिए यह जरूरी है कि प्रशासन बच्चों की सुरक्षा के लिए नियमों का सख्ती से पालन करवाएं। स्वाति मालीवाल ने मांग की है कि अपराधी को नए कानून के मुताबिक 6 महीने में फांसी होनी चाहिए।
इस मामले में हुआ नया खुलासा
आपको बता दें कि अब इस मामले में एक नया चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक स्कूल के ही एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने वारदात को अंजाम देने से एक दिन पहले ही बच्ची का हाथ पकड़ा था। बच्ची को अपने साथ ले जाने की कोशिश भी की थी। लेकिन उस दौरान बच्ची हाथ छुड़ाकर भाग गई थी। हालांकि इस बात का खुलासा तब हुआ जब घटना घटित होने के बाद गुरुवार को बच्ची की मां थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने आई। रिपोर्ट दर्ज कराने के दौरान बच्ची की मां ने बताया कि वारदात से एक दिन पहले आरोपी ने बच्ची के साथ गलत व्यवहार किया था। हालांकि उन्होंने इसकी शिकायत स्कूल प्रबंधन से नहीं की थी। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि यदि पीड़ित बच्ची की मां उसी दिन स्कूल में शिकायत दर्ज कराती तो शायद इस घिनौने अपराध को होने से रोका जा सकता था। स्कूल प्रबंधन के कुछ सदस्यों का कहना है कि संभवतः आरोपी 2-3 दिनों या फिर उससे अधिक समय से पहले बच्ची पर नजर रख रहा था।
तीन बच्चों का पिता है आरोपी
आपको बता दें कि आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और पूछताछ कर रही है। शुरूआती पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह वन बीएचके फ्लैट में अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ रहता है। उनके बच्चों की उम्र 14 से 18 वर्ष के बीच है। हालांकि अभी पुलिस अन्य जानकारी जुटा रही है। इस बीच स्कूल के कुछ सदस्यों ने बताया है कि 2 बजे सीनियर सेक्शन की छुट्टी हो जाती है। इस दरमियान सभी शिक्षक और अन्य सदस्य बच्चों को पैरेंट्स और कैब ड्राइवर को हैंडओवर करने में व्यस्त रहते हैं। बाकी के जो भी अन्य कर्मचारी होते हैं वे लंच करने चले जाते हैं जिसमें माली, सफाई कर्मचारी, पंप ऑपरेटर आदि शामिल हैं। स्कूल के सदस्यों का कहना है कि इसी का फायदा उठाकर आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया होगा। बताया जा रहा है कि आरोपी करीब 15 वर्षों से काम कर रहा है और एनडीएमसी का स्थायी कर्मचारी है। पंप ऑपरेटर आरोपी का जानकार है, इसलिए आरोपी को पता था कि चाबी कहां रहता है और फिर इसका फायदा उठाते हुए आरोपी ने घिनौने अपराध को अंजाम दिया।