नई दिल्ली

‘नीट विवाद’ पर लोकसभा में सवाल रद्द होने पर भड़की CJP: केंद्र पर निशाना साधते हुए बोली- ‘संसद को चुप नहीं कराया जा सकता’

CJP NEET protest Lok Sabha: लोकसभा में NEET और जंतर-मंतर छात्र विरोध से जुड़े सवाल रद्द होने पर CJP प्रवक्ता सौरव दास ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने संसद को चुप कराने का आरोप लगाते हुए सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए।
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CJP NEET protest Lok Sabha
'नीट विवाद' पर लोकसभा में सवाल रद्द होने पर भड़की CJP

NEET questions disallowed Lok Sabha: कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने रविवार को लोकसभा में नीट (NEET) परीक्षा और छात्रों के विरोध प्रदर्शन से जुड़े सवालों को खारिज किए जाने (Disallowed) पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया है। CJP नेता ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का हनन बताते हुए कहा कि संसद में पूछे गए सवाल पूरी तरह से संवैधानिक और जायज थे। सौरव दास ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के इशारे पर जनप्रतिनिधियों द्वारा पूछे गए तीन महत्वपूर्ण प्रश्नों को संसद में उठाने से रोक दिया गया।

क्या थे खारिज किए गए सवाल?

CJP नेता के मुताबिक, तमिलनाडु के नमक्कल से DMK लोकसभा सांसद माथेस्वरन वीएस ने केंद्रीय गृह मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय से तीन अहम मुद्दों पर जवाब मांगा था। इनमें NEET-UG 2026 की आवेदन फीस वापस करने और परीक्षा व्यवस्था को लेकर लोगों में बढ़ रहे अविश्वास पर स्पष्टीकरण, जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान छात्रों को पीने के पानी और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलने के आरोप तथा पेपर लीक, शिक्षा सुधार, छात्रों के हितों और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले लोगों के साथ सरकार के व्यवहार से जुड़े सवाल शामिल थे।

'संसद में सवाल नहीं पूछेंगे तो सरकार की जवाबदेही कहां तय होगी?'

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट शेयर करते हुए सौरव दास ने सवाल उठाया कि 'अगर ये सवाल संसद में नहीं पूछे जा सकते, तो सरकार को कहाँ जवाबदेह ठहराया जाएगा? सड़कों पर प्रदर्शन के जरिए? उन महत्वपूर्ण हफ्तों के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने संसद के सामने आकर प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई पर जवाब क्यों नहीं दिया?' उन्होंने आगे कहा कि प्रश्नकाल (Question Hour) संसदीय लोकतंत्र की आत्मा है। जब जनता के प्रतिनिधि भारी शक्तियों का इस्तेमाल करने वाले मंत्रियों से सवाल पूछते हैं, तो सरकार को जवाब देना ही चाहिए। यदि संसद में आवाज दबाई जाएगी, तो लोग सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।

नियमों की आड़ लेने पर CJP का ऐतराज

सौरव दास ने बताया कि इन सवालों को लोकसभा के नियम 41(2) के तहत विभिन्न उप-धाराओं का हवाला देकर खारिज कर दिया गया। CJP प्रवक्ता ने इसे 'विचित्र तर्क' करार देते हुए कहा कि सरकार संसद की आवाज को दबा नहीं सकती और न ही देश के युवाओं की अनदेखी कर सकती है। आपको बता दें कि नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP ने जंतर-मंतर पर हफ्तों तक बड़ा आंदोलन चलाया था, जो सरकार के साथ बातचीत और इस्तीफे के बाद समाप्त हुआ था।

Updated on:
16 Aug 2026 04:55 pm
Published on:
16 Aug 2026 04:55 pm