
नई दिल्ली। राजस्थान के पचपदरा रिफाइनरी ऐसे समय में बन कर शुरू हो रही है जब दुनिया के पश्चिमी देशों में और चीन में रिफाइनरियों का विभिन्न कारणों से उत्पादन कम हो रहा है। पचपदरा की 9 मिलियन टन प्रतिवर्ष रिफाइनिंग और 2.4 मिलियन टन प्रतिवर्ष पेट्रोकेमिकल उत्पादन क्षमता की रिफाइनरी वैश्विक रिफाइनरी क्षमता को बढ़ाएगी और भारत की स्थिति को और मजबूत करेगी। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि करीब 79,459 करोड़ रुपये की लागत से यह एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी देश में पिछले एक दशक में स्थापित पहली ग्रीनफील्ड रिफाइनरी-कम-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को इसका उद्घाटन करेंगे। इससे पहले 2016 में पारादीप रिफाइनरी कमिशन की गई थी।
रिफाइनरी के निर्माण में आईफिल टावर से चालीस गुना ज्यादा लगभग 3 लाख मीट्रिक टन स्टील, बुर्ज खलीफा से पांच गुना ज्यादा 16 लाख घन मीटर कंक्रीट तथा गिजा के पिरामीडों से छह गुना ज्यादा करीब 1.5 करोड़ घन मीटर मिट्टी की खुदाई की गई। परियोजना में 28 हजार किलोमीटर केबल बिछाई गई है, जो पृथ्वी के दो चक्कर लगा सकती है। रिफाइनरी में 125 मीटर ऊंचा कोक डोम स्थापित किया गया है जो गोल गुंबज से तीन गुना बड़ा है।
एचआरआरएल ने पिछले 12 जून को कच्चे तेल को प्रोसेस करना शुरू किया। वर्तमान में सीडीयू/वीडीयू, डीसीयू, डीएचडीटी और एचजीयू इकाइयों का संचालन शुरू हो चुका है। वहीं पीएफससीसीयू, एमएस ब्लॉक एवं वीजीओ कमिशनिंग के एडवांस स्टेज में हैं। सीडीयू/वीडीयू से नैफ्था, एलपीजी का उत्पादन शुरू हो गया है। वहीं पेट कोक और एलपीजी का पहला इनवॉइस 12 जून को, बीएस गुणवत्ता का हाई स्पीड डीजल का इनवॉइस 21 जून को मोटर स्पिरिट (पेट्रोल) का पहला इनवॉइस 28 जून को किया गया। रिफाइनरी ने 22 जून को वाणिज्यिक संचालन हासिल कर लिया।
पुरी ने बताया कि अमरीका में लुसियाना में गैरीविले रिफाइनरी के बाद से पिछले 50 साल मे कोई बढ़ी रिफाइनरी नही बनी है। वहीं आईइए के अनुमान के अनुसार 2030 तक 1 से 1.5 मिलियन बैरल प्रति दिन क्षमता कम होने की आशंका है। वहीं एक अन्य अनुमान के अनुसार 2035 तक विश्व भर में 2035 रिफाइनरियां बंद होने के दायरे में है जो यूरोप के लिए बड़ी चुनौती है। वहीं चीन के शानडोंग प्रोविंस में टैक्स और कम मार्जिन के चलते टीपॉट रिफाइनर्स के करीब 500 हजार बैरल प्रतिदिन की क्षमता के संयत्र बंद होने की स्थिति में हैं। ऐसे में यह नई रिफाइनरी विश्व के लिए भी महत्वपूर्ण रहेगी।
| कुल लागत | 79,459 करोड़ |
| रिफाइनिंग क्षमता | 9 एमएमटीपीए |
| पेट्रोकेमिकल क्षमता | 2.4 एमएमटीपीए |
| नेल्सन कॉम्प्लेक्सिटी इंडेक्स | 17.0 |
| पेट्रोकेमिकल इंटेंसिटी इंडेक्स | 26% |