
Amit Shah Naxalism: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर में सुरक्षा बलों के जवानों के साथ दिवाली मनाई। इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बस्तर के उन्हीं जंगलों में प्रधानमंत्री दिवाली मना रहे हैं, जहां कभी नक्सल आतंक का प्रभाव था। उन्होंने इसे पांच दशकों में नक्सलवाद से मुक्त देश की पहली दिवाली बताया।
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि प्रधानमंत्री हर दिवाली उन सैनिकों के साथ मनाते हैं, जो देश की सुरक्षा के लिए अपने घरों से दूर तैनात रहते हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता सुरक्षा बलों के साहस, शौर्य और समर्पण का परिणाम है।
अमित शाह ने लिखा कि आज मोदी जी बस्तर के उन्हीं जंगलों में जवानों के साथ दिवाली मना रहे हैं, जहां कभी नक्सल आतंक का राज था। पांच दशकों में यह पहली दिवाली है, जब देश नक्सलवाद के अभिशाप से मुक्त हुआ है और यह जीत हमारे जवानों के साहस, शौर्य और समर्पण की है।
गृह मंत्री ने कहा कि इस साल की दिवाली उन वीर जवानों के शौर्य और बलिदान को समर्पित है, जिन्होंने देश की सुरक्षा और शांति के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। उन्होंने कहा कि देश अपने सैनिकों की सेवा और बलिदान के लिए हमेशा उनका ऋणी रहेगा।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के बस्तर में सुरक्षा बलों के साथ दिवाली मनाई। उन्होंने करनपुर स्थित CoBRA Operations Base का दौरा किया। यह बेस बस्तर और अबूझमाड़ क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियानों के लिए प्रशिक्षण केंद्र और ऑपरेशनल लॉन्च पैड के रूप में इस्तेमाल होता रहा है। प्रधानमंत्री ने बस्तर के बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि जिस क्षेत्र में कभी नक्सलवाद का प्रभाव था, वहां अब विकास और उत्सव का माहौल है।
जवानों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा मजबूत होने पर बाहरी दुश्मन अपने मंसूबों में सफल नहीं हो सकते। उन्होंने आंतरिक सुरक्षा में तैनात जवानों की भूमिका की तुलना सीमा पर देश की रक्षा करने वाले सुरक्षा बलों से की।
PM मोदी ने कहा कि वह 140 करोड़ देशवासियों की ओर से जवानों के बलिदान, समर्पण और सेवा भावना के प्रति आभार व्यक्त करने आए हैं। उन्होंने कहा, “जब किसी राष्ट्र की आंतरिक सुरक्षा मजबूत होती है, तो बाहरी दुश्मन सफल नहीं हो सकते। लेकिन जब आंतरिक सुरक्षा कमजोर होती है, तो बाहरी दुश्मन भी सिर उठाने लगते हैं।” प्रधानमंत्री ने देश की एकता और अखंडता के लिए सुरक्षा कर्मियों के बलिदान को याद करते हुए उन्हें दिवाली की शुभकामनाएं दीं और कहा कि देश उनके योगदान को हमेशा याद रखेगा।