PM Modi : ईरान में फंसे अपने बेटे की रिहाई के लिए गाजियाबाद में रहने वाले केतन के माता-पिता ने पीएम मोदी से अपील की है।
PM Modi ईरान में हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं। अमेरिका की ओर से ईरान को हमले की धमकी दिए जाने के बाद भारत ने भी चेतावनी जारी कर दी है कि सभी भारतीय ईरान को तुरंत छोड़ दें। इसी बीच रिवॉल्यूशनरी गार्ड के एक जहाज पर सवार 16 भारतीय क्रू मेंबर में से 10 को हिरासत में ले लिए जाने की खबर ने भारत के कई परिवारों की चिंता को और अधिक बढ़ा दिया है। इन क्रू मेंबर में एक गाजियाबाद के 27 वर्षीय चेतन मेहता हैं जो मर्चेंट नेवी में थर्ड ऑफिसर पर तैनात है। केतन मेहता के मा-पिता गाजियाबाद में रहते हैं। दोनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मार्मिक अपील की है।
केतन मेहता के पिता मुकेश मेहता ने बताया कि वह मूल रूप से गुजरात के राजकोट के रहने वाले हैं। तीन दशक पहले दिल्ली आए थे। यहां आने के बाद गाजियाबाद के साहिबाबाद में स्थित डीएलएफ कॉलोनी में बस गए। उनकी दो बेटियां हैं और एक बेटा केतन है। दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है। अब वह दोनों पति-पत्नी अकेले रहते हैं। बेटा केतन 2018 से मर्चेंट नेवी में है। आठ वर्षों से वह अपनी सेवाएं दे रहा है। पिछले दिनों उसे दुबई की एक कंपनी के जहाज पर सैकेंड ऑफिसर के पद पर तैनाती मिली थी। 19 जून 2025 को केतन दिल्ली से अपनी ड्यूटी पर रवाना हुआ। 31 दिसंबर 2025 को परिवार की उससे अंतिम बातचीत हुई। उसने कहा था कि वह घर आने वाला है। इस फोन कॉल के बाद से परिवार की खुशी दोगुनी हो गई थी। परिवार केतन की शादी की तैयारी में लगा था। 6 जनवरी 2026 को अचानक परिवार वालों को सूचना मिली कि केतन और उसके साथियों को ईरान में गिरफ्तार कर लिया गया है।
ईरान में बिगड़ते हालात और वहीं पर बेटे की गिरफ्तारी की खबर इस दंपति के होश उड़ा दिए। इसके बाद से ही माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। दोनों अपने बेटे की राह देख रहे हैं लेकिन उन्हें कोई उम्मीद दिखाई नहीं दे रही। इसी बीच बेटे ने फोन कॉल पर उन्हें बताया था कि ईरान के हालात बहुत खराब हैं। यहां लगातार मिसाइल के धमाके हो रहे हैं। कहां से मिसाइल आकर गिर जाए इसका पता नहीं चल रहा। इन हालातों के बीच अब दंपति ने देश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मार्मिक अपील करते हुए कहा है कि जब भारत सरकार पाकिस्तान में फंसे विंग कमांडर अभिनंदन को अपने देश वापस सुरक्षित ला सकती है तो हमारे बेटे को भी ला सकती है। उन्होंने कहा कि हमें भारत सरकार पर और देश के प्रधानमंत्री पर पूरा भरोसा है कि उनके बेटे को सरकार वापस लेकर आएगी। उनका बेटा विदेशी भूमि पर फंसा हुआ है। वहां युद्ध के हालात हैं। अमेरिका की ओर से धमकियां दी जा रही हैं। ऐसे में उनके बेटे का वासी लाया जाना बहुत आवश्यक है। अंत में माता-पिता ने कहा है कि केतन उनकी इकलौती औलाद है दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है ऐसे में केतन के बिना उनका इस दुनिया में कोई दूसरा सहारा नहीं है।