नई दिल्ली

मेडिकल स्टोर पर सीसीटीवी जरूरी करने की तैयारी

मंत्रालय की ओर से जारी ड्राफ्ट गजट अधिसूचना के तहत शेड्यूल एच, एच1 और एक्स में शामिल दवाओं की बिक्री पर ज्यादा निगरानी रखने की तैयारी है। इन दवाओं की बिक्री बिना वैध डॉक्टर की पर्ची के नहीं की जा सकती
less than 1 minute read
• •
Updated: 18 Sep 2026, 2:47 PM IST
Medical Store

नई दिल्ली। मेडिकल स्टोर से बिना डॉक्टर की पर्ची कुछ दवाओं की बिक्री रोकने के लिए केंद्र सरकार नियम और सख्त करने की तैयारी में है। इसके लिए मेडिकल स्टोर पर अनिवार्य तौर पर सीसीटीवी लगाने का प्रस्ताव भी है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने ड्रग्स रूल्स, 1945 में बदलाव का मसौदा जारी किया है।

मंत्रालय की ओर से जारी ड्राफ्ट गजट अधिसूचना के तहत शेड्यूल एच, एच1 और एक्स में शामिल दवाओं की बिक्री पर ज्यादा निगरानी रखने की तैयारी है। इन दवाओं की बिक्री बिना वैध डॉक्टर की पर्ची के नहीं की जा सकती। सरकार का कहना है कि सीसीटीवी से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि दवाएं किस तरह बेची जा रही हैं और नियमों का पालन हो रहा है या नहीं।

चर्चा के बाद आगे बढ़ा है प्रस्ताव

इस प्रस्ताव पर पहले ड्रग्स कंसल्टेटिव कमेटी में चर्चा हुई। इसके बाद इसे ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड के सदस्यों के सामने रखा गया। बोर्ड ने भी प्रस्ताव को मंजूरी देने की सिफारिश की है। नियम लागू होने के बाद दवाओं की बिक्री और सप्लाई पर निगरानी बढ़ेगी। सरकार को उम्मीद है कि इससे बिना पर्ची दवा मिलने और गलत इस्तेमाल के मामलों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस प्रस्ताव पर दवा कारोबार से जुड़े लोगों और आम लोगों से आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं।

किस कैटेगरी में कैसी दवाएं

इन तीनों कैटेगरी में सामान्य तौर पर डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली दवाएं आती हैं।
शेड्यूल एच- सामान्य प्रिस्क्रिप्शन दवाएं, कई एंटीबायोटिक्स, ब्लड प्रेशर और डायबिटीज की कई दवाएं
शेड्यूल एच1- ऐसी दवाएं जिन पर ज्यादा निगरानी जरूरी है कुछ खास एंटीबायोटिक्स, एंटी-टीबी दवाएं और कुछ अन्य कंट्रोल्ड प्रिस्क्रिप्शन दवाएं
शेड्यूल एक्स- ज्यादा कड़ी निगरानी वाली दवाएं, कुछ शक्तिशाली/विशेष दवाएं, जिनकी बिक्री और रिकॉर्ड रखने के नियम ज्यादा सख्त हैं

Updated on:
18 Sep 2026, 2:47 PM IST
Published on: