राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने 5 सितंबर की एडवाइजरी में कहा कि स्टेम सेल थेरेपी केवल मंजूर संकेतों में ही मानक चिकित्सा सेवा के तौर पर दी जा सकती है। मंजूर संकेतों से बाहर इसका अनधिकृत इस्तेमाल, प्रिस्क्रिप्शन, प्रचार या विज्ञापन पेशेवर कदाचार माना जाएगा। राज्य मेडिकल काउंसिलों को शिकायतों की जांच कर दोष सिद्ध होने पर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।