
शहजाद पूनावाला। फाइल फोटो- पत्रिका
नई दिल्ली। भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता और राजनीतिक विश्लेषक शहजाद पूनावाला ने पार्टी से इस्तीफा देने के अपने फैसले को लेकर विस्तार से बात की है। उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद ही उन्होंने राजनीति छोड़कर निजी क्षेत्र में लौटने का मन बना लिया था, लेकिन चुनाव के बाद बने राजनीतिक हालात के कारण उन्होंने कुछ समय और भाजपा के साथ काम करने का फैसला किया।
पूनावाला ने कहा कि जब वह 2021 में राजनीति में आए और भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता बने, उससे पहले वह मीडिया में काम करते थे और नियमित वेतन मिलता था। राजनीति में आने के बाद उन्होंने खुद को पूरी तरह पार्टी के काम में लगा दिया। इसी दौरान उन्होंने अपनी बचत और भविष्य की आर्थिक स्थिति का आकलन किया और तय किया कि 2024 के अंत तक राजनीति में सक्रिय रहना उनके लिए व्यावहारिक होगा। पूनावाला ने कहा कि उनका इरादा राजनीति में आने के बाद किसी पद या चुनावी जिम्मेदारी को हासिल करना नहीं था। उनका लक्ष्य सांसद या विधायक बनना कभी नहीं रहा।
उन्होंने कहा कि वह पद के लिए नहीं, बल्कि किसी मिशन और विचार के लिए काम करते हैं। उन्होंने बताया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को 240 सीटें मिलने और उसके बाद बने राजनीतिक माहौल को देखते हुए उन्होंने तत्काल राजनीति छोड़ना उचित नहीं समझा। उस समय कई महत्वपूर्ण विधानसभा चुनाव भी सामने थे। इसलिए उन्होंने पार्टी के लिए काम जारी रखा और अपना योगदान देने का फैसला किया। पूनावाला के मुताबिक, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद उन्होंने तय किया कि अब निजी क्षेत्र में वापस लौटने का समय आ गया है।
उन्होंने कहा कि राजनीति छोड़ने के बावजूद भाजपा के मिशन और विजन के प्रति उनका जुड़ाव कायम रहेगा। उमर खालिद पर बनी डॉक्यूमेंट्री को लेकर चल रहे विवाद पर भी पूनावाला ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग उमर खालिद को नायक के रूप में पेश करते हैं, जबकि डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और उस्ताद बिस्मिल्लाह खान जैसे प्रमुख भारतीयों को उसी नजर से नहीं देखते। उन्होंने साध्वी प्रज्ञा से जुड़े मामले का भी जिक्र करते हुए कहा कि राजनीतिक और वैचारिक आधार पर अलग-अलग लोगों के लिए अलग नजरिया अपनाया जाता है। राहुल गांधी को लेकर पूनावाला ने तीखी टिप्पणी की।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री बन सकते हैं, लेकिन शायद पाकिस्तान या इटली जैसे किसी दूसरे देश के। उन्होंने दावा किया कि भारत में 2029 में नरेंद्र मोदी और बड़े अंतर से प्रधानमंत्री चुने जाएंगे। उन्होंने 2034 में भी मोदी के प्रधानमंत्री बनने का दावा किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि 2027 में उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ पहले से ज्यादा अंतर से सत्ता में लौटेंगे। ये सभी उनके राजनीतिक दावे हैं।
अभिनेत्री स्वरा भास्कर की राम जन्मभूमि मामले पर हालिया टिप्पणी को लेकर भी पूनावाला ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राम मंदिर का फैसला सुप्रीम कोर्ट ने दिया था और उसका सम्मान किया जाना चाहिए। दरअसल, स्वरा भास्कर ने हाल ही में बताया था कि राम जन्मभूमि मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के समय उन्होंने शाहरुख खान, सलमान खान और आमिर खान समेत अपने परिचित मुस्लिम लोगों से संपर्क किया था। उन्होंने कहा था कि वह उस फैसले से सहमत नहीं थीं और इस बात को लेकर उन्हें शर्मिंदगी महसूस हुई थी। इसी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पूनावाला ने स्वरा भास्कर की आलोचना की और सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सवाल उठाने को लेकर उनसे अपनी बात वापस लेने की अपील की।
Updated on:
18 Sept 2026 03:37 pm
Published on:
18 Sept 2026 03:22 pm
