भारत की ताकत यह है कि उसकी क्रूड खरीद केवल रूस पर निर्भर नहीं है। देश 40 से अधिक देशों से कच्चा तेल खरीदता है। रूस के बाद इराक, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात प्रमुख स्रोत हैं। इसके अलावा अमरीका, ब्राजील, वेनेजुएला, नाइजीरिया और अंगोला जैसे देशों से भी खरीद बढ़ाई जा सकती है। इस साल पश्चिम एशिया में आपूर्ति बाधित होने पर भारतीय रिफाइनरों ने लैटिन अमेरिका और अफ्रीका से खरीद बढ़ाकर अपनी सप्लाई को संभाला था। जुलाई में रूसी क्रूड भारत के कुल आयात का करीब 50.8 फीसदी तक पहुंच गया था और अप्रैल-जुलाई में औसत हिस्सेदारी 43.25 फीसदी रही। रूस के बाद इराक, सऊदी अरब और यूएई से अतिरिक्त बैरल जुटाए जा सकते हैं, लेकिन इनकी उपलब्धता वैश्विक मांग, पश्चिम एशिया की स्थिति और शिपिंग लागत पर निर्भर करेगी।