नई दिल्ली

वोटर लिस्ट पर बढ़ा विवाद, राघव चड्ढा बोले- केजरीवाल के सपनों में आता हूं, AAP ने पूछा- 747वें नंबर पर नाम कैसे आया

AAP VS BJP: राघव चड्ढा के वोटर लिस्ट विवाद पर सियासत तेज। AAP ने बैकडोर एंट्री के लगाए आरोप, तो राघव चड्ढा ने दिया करारा जवाब। जानें चुनाव आयोग ने क्या कहा।
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Updated: 9 Sep 2026, 7:40 AM IST
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मतदाता सूची में नाम जुड़ने को लेकर उठे सवालों पर राघव चड्ढा का पलटवार (फोटो सोर्स- ANI)

Raghav Chadha: दिल्ली की राजनीति में वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने को लेकर फिर सियासी घमासान छिड़ गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) से अलग होकर भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के वोटर रजिस्ट्रेशन को लेकर आप नेताओं ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इस पर पलटवार करते हुए राघव चड्ढा ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने चुनाव आयोग (ECI) के हर नियम और प्रक्रिया का पूरी तरह से पालन किया है।

'AAP के सपनों में आता हूं', चड्ढा का करारा जवाब

अपने बयान में राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी (AAP) पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी छोड़ने के बाद से उन्हें लगातार निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि मैं अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के सपनों में आ रहा हूं। दिन-रात वे बस यही सोचते रहते हैं कि राघव चड्ढा पर हमला कैसे किया जाए।
चड्ढा ने साफ कहा कि उन्होंने निर्धारित प्रक्रियाओं और कानूनी उपायों के तहत ही अपना काम कराया है। उन्होंने कहा कि आप मतदाता सूची को अपनी पार्टी के सदस्यता रजिस्टर जैसा समझने की भूल कर रही है और जो भी पार्टी छोड़ता है, उसके पीछे हाथ धोकर पड़ जाती है।

AAP का आरोप, 'चोर दरवाजे' से हुई एंट्री

वहीं दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने मामले को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल खड़े किए हैं। ढांडा का कहना है कि 31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में राजिंदर नगर (AC-39) इलाके में 746 वोटर थे। इसके बाद राघव चड्ढा का नाम 747वें नंबर पर कैसे और किस प्रक्रिया से जुड़ा, इसका जवाब दिल्ली चुनाव आयोग नहीं दे पा रहा है। AAP का आरोप है कि यह नाम नियमानुसार नहीं, बल्कि 'बैकडोर' यानी चोर दरवाजे से जोड़ा गया है।

चुनाव आयोग ने साफ की स्थिति

विवाद बढ़ता देख दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने बयान जारी कर पूरी प्रक्रिया समझाई। चुनाव आयोग के अधिकारियों के अनुसार, मतदाता सूची में किसी भी व्यक्ति का नाम जोड़ने, हटाने या संशोधित करने की प्रक्रिया लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और निर्वाचक पंजीकरण नियम 1960 के तहत ही होती है। इसके लिए फॉर्म 6, 7 और 8 का उपयोग किया जाता है और निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) नियमों के अनुसार ही आवेदनों को स्वीकृत या अस्वीकृत करते हैं।

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9 Sep 2026, 7:40 AM IST
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