नई दिल्ली

‘राहुल गांधी को भी मिले कड़ी सजा’, 1984 दंगा पीड़िता ने INDIA गठबंधन की रैली पर उठाए सवाल

INDIA Bloc Rally: 1984 के सिख विरोधी दंगों की पीड़िता ने राहुल गांधी की दिल्ली रैली पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को भी कड़ी सजा मिलनी चाहिए। पीड़िता ने दंगों में अपने परिवार के सदस्यों को खोने का दर्द भी साझा किया।
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Updated: 1 Nov 2026, 12:14 PM IST
Rahul Gandhi Rally
1984 दंगा पीड़िता ने INDIA गठबंधन की रैली पर उठाए सवाल (फोटो सोर्स- IANS)

INDIA Alliance Rally: दिल्ली में INDIA गठबंधन की रैली को लेकर 1984 के सिख विरोधी दंगों की एक पीड़िता ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी आज दिल्ली में रैली निकाल रहे हैं, लेकिन शहीदों को लेकर ऐसी गलत रैलियां निकालने के लिए उन्हें भी कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। पीड़िता ने 1984 के दंगों का दर्द बयां करते हुए कहा कि उनका परिवार आज भी उस दर्द को नहीं भूला है। उन्होंने दोषियों को सख्त सजा देने की मांग भी की।

एक ही घर से 5 लोग मारे गए, आज भी इंसाफ की आस

मयूर विहार (मंडावली) की एक पीड़िता ने अपने बीते हुए दर्द को याद करते हुए बताया कि 1984 का यह दिन आज भी उनके दिल में कांटे की तरह चुभता है। उन्होंने कहा कि उस दौर में हमारे परिवार के 5 से 6 लोग शहीद हो गए थे, जिनमें मेरे चार सगे भाई भी शामिल थे। आज हम सब एकत्रित होकर उनकी आत्मा की शांति के लिए पाठ कर रहे हैं। ईश्वर उनके परिवारों को हिम्मत दे। पीड़िता ने दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि जिन्होंने यह जुल्म ढहाया, उन्हें कड़ी सजा मिलनी ही चाहिए।

राहुल गांधी की रैली पर उठाया सवाल, जताई कड़ी आपत्ति

विपक्ष के 'इंडिया' गठबंधन और राहुल गांधी की दिल्ली रैली पर पीड़ितों ने कड़ा ऐतराज जताया है। पीड़ितों का कहना है कि ऐसे संवेदनशील मौकों और इतिहास के इन दर्दनाक पन्नों के बीच ऐसी रैलियां निकालना गलत संदेश देता है। एक अन्य पीड़ित ने पुराने बयानों को याद दिलाते हुए अपना आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने कहा, 'जब उनकी दादी का निधन हुआ था, तब कहा गया था कि बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है। लेकिन क्या जो हजारों बेकसूर सिख मारे गए, वे इस धरती के निवासी नहीं थे? उन्हें अपनी दादी का दर्द याद रहता है, लेकिन हमारे जो पूरे के पूरे परिवार उजाड़ दिए गए, उनका क्या?'

'पेट्रोल, टायर और सफेद पाउडर लेकर घसीटे गए लोग'

पीड़ितों ने 1984 के उस भयानक दृश्य को याद करते हुए बताया कि किस तरह सरकारी शह पर क्रूरता की सारी हदें पार कर दी गई थीं। लोगों को उनके घरों से घसीटकर बाहर निकाला गया, गले में जलते हुए टायर डाले गए और जिंदा जला दिया गया। बहनों-बेटियों पर अत्याचार किए गए। पीड़ितों ने कहा कि चाहे कितने भी साल बीत जाएं, वे अपने अपनों की शहादत और उस दौर के सितम को कभी भुला नहीं पाएंगे। आज भी पीड़ित परिवार सिर्फ और सिर्फ सच्चे न्याय और दोषियों को सख्त सजा मिलने का इंतजार कर रहे हैं।

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1 Nov 2026, 12:14 PM IST
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