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‘मोदी जी की जान ज्ञानेश कुमार में है’, राहुल गांधी ने हाथ में ‘तोता’ लेकर वोट चोरी के खिलाफ किया प्रदर्शन

Rahul Gandhi Gyanesh Kumar: दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली के दौरान राहुल गांधी ने हाथ में तोता लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तंज कसा। विपक्ष ने SIR और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर चुनाव आयोग को घेरा। वहीं, बीजेपी ने 1984 के सिख विरोधी दंगों को लेकर हरि नगर में विरोध मार्च निकाला।
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नई दिल्ली

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Imran Ansari

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Updated: 1 Nov 2026, 3:20 PM IST

Rahul Gandhi Gyanesh Kumar

राहुल गांधी ने हाथ में 'तोता' लेकर वोट चोरी के खिलाफ किया प्रदर्शन

Rahul Gandhi Parrot Protest: दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को INDIA गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली के दौरान कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने हाथ में तोता लेकर केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तंज कसा। उन्होंने प्रतीकात्मक अंदाज में कहा, ‘राजा की जान तोते में थी और मोदी जी की जान ज्ञानेश कुमार में है।’ राहुल गांधी के इस प्रदर्शन के जरिए विपक्ष ने चुनाव आयोग और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।

मिंटो रोड से रामलीला मैदान तक निकला मार्च

राहुल गांधी ने दोपहर करीब 12 बजे मिंटो रोड और कनॉट प्लेस जंक्शन से ‘चलो दिल्ली’ मार्च की शुरुआत की। इस मार्च में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला समेत INDIA गठबंधन के कई नेता शामिल हुए। मार्च रामलीला मैदान पहुंचा, जहां गठबंधन की बड़ी रैली आयोजित की गई।

SIR और वोट चोरी के आरोपों पर चुनाव आयोग को घेरा

विपक्षी दलों ने चुनावी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। गठबंधन के नेताओं ने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। रैली के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई। विपक्ष का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सवाल हैं, जबकि चुनाव आयोग राजनीतिक पक्षपात के आरोपों से इनकार करता रहा है।

रामलीला मैदान में जुटे विपक्षी दलों के समर्थक

रैली में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, आरजेडी और अन्य विपक्षी दलों के कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। अलग-अलग राज्यों से आए प्रदर्शनकारियों ने अपने साथ ऐसे बैनर भी लाए, जिन पर कथित तौर पर मतदाता सूची से हटाए गए लोगों के नाम लिखे थे। कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने इसे लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुटता का प्रदर्शन बताया।

बीजेपी ने 1984 के दंगों को लेकर निकाला मार्च

INDIA गठबंधन की रैली के जवाब में बीजेपी ने पश्चिमी दिल्ली के सिख बहुल हरि नगर इलाके से विरोध मार्च निकाला। बीजेपी ने 1984 के सिख विरोधी दंगों का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग की। पार्टी नेताओं ने 1 नवंबर को रैली आयोजित करने के समय पर भी सवाल उठाए। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने विपक्ष के मार्च को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि कांग्रेस इस दिन को राजनीतिक कार्यक्रम के लिए इस्तेमाल कर रही है।

दिल्ली में सुरक्षा और ट्रैफिक के विशेष इंतजाम

रैली और मार्च को देखते हुए दिल्ली के मध्य हिस्से में सुरक्षा बढ़ाई गई। पुलिस ने कई हजार जवानों और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की थी। रैली स्थल और आसपास के इलाकों में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी गई। मिंटो रोड, कनॉट प्लेस और रामलीला मैदान के आसपास यातायात प्रभावित हुआ। दिल्ली पुलिस ने लोगों को प्रभावित रास्तों से बचने और यात्रा के लिए अतिरिक्त समय रखने की सलाह दी।