नई दिल्ली

राहुल ने लॉन्च किया ‘सत्याग्रह’, अब डिजिटल मंच से लोगों के मुद्दों की लड़ाई सड़क से संसद तक

यह प्लेटफॉर्म देशभर के उन नागरिकों को एक राष्ट्रीय मंच प्रदान करेगा जो शांतिपूर्ण प्रतिरोध, सत्य और अहिंसा के जरिए अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना चाहते हैं और सत्ता के सामने सच बोलना चाहते हैं
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Rahul Gandhi

नई दिल्ली। गांधी जयंती के अवसर पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने नया डिजिटल प्लेटफॉर्म 'सत्याग्रह' लॉन्च किया है। यह प्लेटफॉर्म देशभर के उन नागरिकों को एक राष्ट्रीय मंच प्रदान करेगा जो शांतिपूर्ण प्रतिरोध, सत्य और अहिंसा के जरिए अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना चाहते हैं और सत्ता के सामने सच बोलना चाहते हैं। यहां दर्ज होने वाले मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर नेता प्रतिपक्ष राहुल की ओर से आवश्यकता अनुसार कदम उठाए जाएंगे। राहुल ने लोगों की आवाज को सड़क से संसद तक सुनाने का वादा किया है।

'सत्य को दबाया जा रहा, अब नए सत्याग्रह का समय'

राहुल गांधी ने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में सच को दबाया जा रहा है और लोग अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष के रूप में जनता की लड़ाई उनकी अपनी लड़ाई है। उन्होंने देशवासियों का आह्वान करते हुए कहा कि अब नए सत्याग्रह का समय आ गया है और नागरिक अपने संघर्षों को इस प्लेटफॉर्म के जरिए साझा करें। राहुल ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के तौर पर यह उनकी जिम्मेदारी है कि जहां सच को कुचला जा रहा है, वहां लोगों को उसका विरोध करने में मदद करूं। सच महत्वपूर्ण है, लेकिन यह भी ज़रूरी है कि हम देश के हर कोने में उसके लिए लड़े।

इन प्रमुख मुद्दों को मिलेगा राष्ट्रीय मंच:

  1. जन-अधिकारों की रक्षा: जमीन के हक, महिलाओं के अधिकार, दलितों, आदिवासी, ओबीसी, अल्पसंख्यकों के अधिकारों की लड़ाई।
  2. छात्र व युवा: शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी समस्याओं पर संघर्षरत युवाओं की आवाज।
  3. सत्याग्रह मैप: देश के कोने-कोने में चल रहे जन-आंदोलनों और स्थानीय लड़ाइयों को एक नक्शे पर संगठित कर राष्ट्रीय पहचान दी जाएगी।

कैसे काम करेगा यह प्लेटफॉर्म?

समस्या दर्ज करें: नागरिक प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध फॉर्म के जरिए अपनी समस्याएं और स्थानीय मुद्दे साझा कर सकेंगे।

नक्शे पर दिखेगा 'पिन': साझा किया गया हर मुद्दा 'सत्याग्रह मैप' पर एक डिजिटल पिन के रूप में प्रदर्शित होगा।

सड़क से संसद तक पहल: मुद्दे की गंभीरता और प्राथमिकता के आधार पर नेता प्रतिपक्ष की ओर से आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि जन-समस्याओं को संसद तक पहुंचाया जा सके।

Updated on:
03 Oct 2026 12:13 pm
Published on:
03 Oct 2026 12:13 pm