नई दिल्ली। भारतीय रेल ने जहां रेल सेवा से लोगों को यात्रा सुविधा मुहैया कराई है, वहीं पिछले एक दशक में युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध कराया है। पिछले दस वर्षों में रेलवे में 5 लाख से अधिक युवाओं को नौकरी दी गई है, जिससे यह देश में रोजगार देने वाले सबसे बड़े […]
नई दिल्ली। भारतीय रेल ने जहां रेल सेवा से लोगों को यात्रा सुविधा मुहैया कराई है, वहीं पिछले एक दशक में युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध कराया है। पिछले दस वर्षों में रेलवे में 5 लाख से अधिक युवाओं को नौकरी दी गई है, जिससे यह देश में रोजगार देने वाले सबसे बड़े सरकारी संगठनों में बना हुआ है।
केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में जानकारी दी कि रेल मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक 41,343 युवाओं की भर्ती की है। इन नियुक्तियों के जरिए रेलवे के तकनीकी, संचालन और सुरक्षा से जुड़े पदों को मजबूत किया गया है। रेलवे भर्ती बोर्डों के माध्यम से देशभर में अलग-अलग चरणों में चयन प्रक्रिया चल रही है। वहीं 2004 से 2014 के बीच तत्कालीन यूपीए सरकार ने 4.11 लाख नौकरियां दी थी।
वैष्णव ने बताया कि रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) की परीक्षाएं तकनीकी प्रकृति की होती हैं, जिनमें बड़े पैमाने पर मानव संसाधन और कर्मचारियों की तैनाती और प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है। रेलवे ने इन सभी चुनौतियों का सामना करते हुए सभी निर्धारित दिशानिर्देशों का पालन करते हुए पारदर्शी तरीके से भर्ती प्रक्रिया सफलतापूर्वक की। पूरी प्रक्रिया के दौरान पेपर लीक होने या इसी तरह की किसी भी प्रकार की गड़बड़ी का कोई मामला सामने नहीं आया।
टेक्नीशियन, जूनियर इंजीनियर, असिस्टेंट लोको पायलट, रेलवे सुरक्षा बल और पैरामेडिकल स्टाफ जैसे पदों पर नियुक्तियां की जा रही हैं। इसके अलावा रेलवे ने कर्मचारियों के कल्याण के लिए स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया है। कर्मचारियों और पेंशनरों को चिकित्सा सुविधाएं देने के लिए रेलवे के पास देशभर में 128 अस्पताल और 582 हेल्थ यूनिट का नेटवर्क है। 2014 से 2025 के बीच इंडियन रेलवे हेल्थ सर्विस में 5,100 से अधिक डॉक्टरों की भर्ती की गई, जबकि 2004 से 2013 के दौरान यह संख्या 2,277 रही थी।