29 मई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

‘पीएम मोदी खुद कर रहे निगरानी’, NEET पेपर लीक के सवाल पर केंद्र का सुप्रीम कोर्ट में जवाब

NEET Paper Leak: सुप्रीम कोर्ट में NEET-UG पेपर लीक मामले पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जांच की निगरानी कर रहे हैं। अदालत ने सरकार से विस्तृत हलफनामा मांगा है।

2 min read
Google source verification
PM Narendra Modi

पीएम नरेंद्र मोदी (File Photo)

NEET Paper Leak: देशभर में मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG से जुडा पेपर लीक मामला लगातार राजनीतिक और कानूनी चर्चा का विषय बना हुआ है। परीक्षा रद होने के बाद लाखों छात्रों और अभिभावकों में असमंजस तथा मानसिक दबाव बढ गया है। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट (SC) में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद जांच प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी है।

NEET मामले पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

सुप्रीम कोर्ट (SC) ने शुक्रवार को नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट अंडरग्रेजुएट (NEET-UG) मामले से जुडी कई याचिकाओं पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान जस्टिस पमिदिघंटम श्री नरसिम्हा ने केंद्र सरकार से पूछा कि पेपर लीक आखिर किस स्तर पर हुआ और निगरानी व्यवस्था में कहां कमी रही। अदालत ने कहा कि छात्रों की मेहनत, समय और भावनाओं को इस तरह निराश करना दुखद है। कोर्ट ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा प्रणाली का उदाहरण देते हुए कहा कि इतनी संवेदनशील परीक्षाओं में भरोसा बना रहना जरूरी है।

सरकार को विस्तृत हलफनामा दाखिल करने को कहा

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पूरे मामले की व्यक्तिगत निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आगामी इक्कीस जून को होने वाली नीट परीक्षा के लिए नई तकनीकी और प्रशासनिक व्यवस्था लागू की गई है। सरकार का कहना है कि प्रश्नपत्र सुरक्षा, परीक्षा केंद्र निगरानी और डिजिटल ट्रैकिंग को पहले से अधिक मजबूत बनाया गया है। अदालत ने केंद्र सरकार को विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है, जिसमें जांच प्रक्रिया, जिम्मेदार लोगों की जानकारी देनी होगी।

जुलाई के दूसरे सप्ताह में तय अगली सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट (SC) ने कहा कि अगर उच्च स्तरीय समिति बनने के बाद भी ऐसी घटना हुई है तो या तो मूल सिफारिशों में कमी है या फिर उनका सही पालन नहीं हुआ। अदालत ने माना कि इस विवाद ने छात्रों के मन में परीक्षा प्रणाली को लेकर असुरक्षा पैदा की है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पहले ही आलोचना का सामना कर रही है। अब अदालत ने मामले की अगली सुनवाई जुलाई के दूसरे सप्ताह में तय की है। माना जा रहा है कि सरकार की रिपोर्ट के बाद परीक्षा व्यवस्था में बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

बड़ी खबरें

View All

राष्ट्रीय

ट्रेंडिंग