
Delhi CM Rekha Gupta:दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने से सात लोगों की मौत के बाद राजधानी में भवनों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इस घटना के बीच मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह अधिकारियों और सिविक इंजीनियर्स से काम में हो रही देरी और खराब गुणवत्ता को लेकर नाराजगी जताती दिखाई दे रही हैं।
वीडियो में मुख्यमंत्री मौके पर चल रहे काम को देखती हैं और अधिकारियों से सवाल करती हैं कि आखिर काम समय पर क्यों पूरा नहीं हुआ। काम की स्थिति से नाराज रेखा गुप्ता अधिकारियों को साफ तौर पर लापरवाही न करने की हिदायत देती नजर आती हैं।
बताया जा रहा है कि अधिकारियों ने काम पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री से एक सप्ताह का समय मांगा था। इस पर रेखा गुप्ता ने एक हफ्ते की बजाय सिर्फ 24 घंटे का समय दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले दिन तक काम में सुधार दिखाई देना चाहिए। उन्होंने ठीक की गई स्लैब्स की तस्वीरें भी मांगीं। यानी अधिकारियों से सिर्फ यह कहने के बजाय कि काम जल्द पूरा होगा, उन्होंने अगले दिन तक उसका नतीजा दिखाने को कहा।
मुख्यमंत्री के इस सख्त अंदाज का वीडियो अब सोशल मीडिया पर चर्चा में है। लोग इसे काम में लापरवाही को लेकर सरकार की सख्ती से जोड़कर देख रहे हैं।
सत्य निकेतन की घटना के बाद पुराने और कमजोर भवनों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसके साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि निर्माण और मरम्मत के काम की निगरानी कितनी गंभीरता से की जाती है।
अगर किसी इमारत में निर्माण या मरम्मत का काम चल रहा है तो उसकी गुणवत्ता और सुरक्षा पर नजर रखना जरूरी है। हादसे के बाद जिम्मेदारी तय करने की मांग भी तेज हुई है। ऐसे में मुख्यमंत्री का अधिकारियों से मौके पर ही जवाब मांगना और काम पूरा करने के लिए समय तय करना अहम माना जा रहा है।
रेखा गुप्ता का अधिकारियों को फटकार लगाने वाला वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इसकी चर्चा हो रही है। कई लोग मुख्यमंत्री के सख्त रवैये की बात कर रहे हैं। वहीं, कुछ लोग इसे सत्य निकेतन हादसे के बाद प्रशासन पर बढ़े दबाव से जोड़कर देख रहे हैं।
हालांकि, वायरल वीडियो की सटीक तारीख और जगह की स्वतंत्र पुष्टि अभी साफ नहीं है। इसलिए वीडियो को किसी खास घटना या तारीख से जोड़कर किए जा रहे दावों को आधिकारिक पुष्टि के बिना सही मानना ठीक नहीं होगा।
फिलहाल सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में भवनों की सुरक्षा, निर्माण की गुणवत्ता और अधिकारियों की जिम्मेदारी पर सवाल बने हुए हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री का यह वीडियो सामने आने से मामला और चर्चा में आ गया है। अब देखना होगा कि 24 घंटे की समयसीमा के बाद काम में कितना सुधार होता है और लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।