
AAP vs BJP: दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और आम आदमी पार्टी के बीच मानहानि का मामला अब सियासी टकराव का रूप लेता जा रहा है। दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद AAP ने भाजपा पर पलटवार किया है। पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सवाल उठाया कि जब भाजपा के नेता दूसरों पर टिप्पणी करते हैं तो उन्हें परेशानी नहीं होती, लेकिन जब उनके मुख्यमंत्री को लेकर कोई पोस्ट किया जाता है तो मामला अदालत तक पहुंच जाता है।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अरविंद केजरीवाल के मुख्यमंत्री रहते उनके खिलाफ कथित आबकारी घोटाले को लेकर जगह-जगह पोस्टर लगाए गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस मामले को लेकर भाजपा ने इतना प्रचार किया, उसमें अदालत ने आरोपपत्र दाखिल करने लायक आधार भी नहीं माना। इसके बावजूद केजरीवाल को लेकर पोस्टर और दूसरी सामग्री के जरिए निशाना बनाया जाता रहा।
भारद्वाज ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के पुराने बयानों का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने केजरीवाल की मां को लेकर भी अपमानजनक टिप्पणियां की थीं। उन्होंने सवाल किया कि जब केजरीवाल और AAP नेता आतिशी के खिलाफ आपत्तिजनक वीडियो और पोस्टर सामने आए थे, तब भाजपा ने उनके खिलाफ ऐसी ही कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की?
उन्होंने कहा कि अब आम आदमी पार्टी ने भाजपा के मुख्यमंत्री को लेकर एक पोस्ट क्या कर दिया, मामला तुरंत हाईकोर्ट पहुंच गया। भारद्वाज ने भाजपा को नसीहत देते हुए कहा कि दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अपने रवैये पर भी गौर करना चाहिए। अगर भाजपा आलोचना सहन नहीं कर सकती तो उसे भी दूसरों पर निजी हमले करने से बचना चाहिए।
दरअसल, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आम आदमी पार्टी के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया था। याचिका में आरोप लगाया गया कि AAP के सोशल मीडिया अकाउंट से AI की मदद से तैयार किए गए वीडियो, तस्वीरें और पोस्ट साझा किए गए। इनमें रेखा गुप्ता को शराब बेचने वाली और सामान पहुंचाने वाली महिला के रूप में दिखाया गया था।
इसके अलावा 'हर हर रेखा, घर घर ठेका' नाम से एक काल्पनिक योजना का भी जिक्र किया गया था। मुख्यमंत्री की ओर से इन पोस्ट और वीडियो को उनकी छवि खराब करने वाला बताते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया गया।
इस मामले में 6 नवंबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने संबंधित छह सोशल मीडिया लिंक हटाने का अंतरिम आदेश दिया था। अदालत ने आम आदमी पार्टी और दूसरे पक्षों को नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई 4 दिसंबर तय की है।
हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अब AAP ने पुराने मामलों का हवाला देकर भाजपा को घेरा है। ऐसे में दिल्ली में यह विवाद अब सोशल मीडिया पोस्ट से आगे बढ़कर राजनीतिक बयानबाजी का मुद्दा बन गया है।