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Delhi SIR: बीजेपी बूथ एजेंट चंद्र शेखर नैनवाल के खिलाफ पुलिस में शिकायत, 36 फर्जी फॉर्म-7 भरने का आरोप

दिल्ली के मुस्तफाबाद में मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए जमा 37 फॉर्म-7 में से 36 फर्जी पाए गए। चुनाव अधिकारी ने बीजेपी BLA के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है।
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नई दिल्ली

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Dinesh Dubey

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Updated: 7 Nov 2026, 9:49 AM IST

SIR Voter List

SIR Voter List (फोटो सोर्स- Patrika)

दिल्ली के मुस्तफाबाद विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची से नाम हटवाने के लिए कथित तौर पर फर्जी आवेदन जमा करने का मामला सामने आया है। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) अजय कुमार के मुताबिक, जांच में 37 में से 36 फॉर्म-7 फर्जी पाए गए हैं। इस मामले में निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) ने शुक्रवार को बीजेपी के बूथ लेवल एजेंट (BLA) चंद्रशेखर नैनवाल के खिलाफ जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत केस दर्ज करने के लिए पुलिस में शिकायत दी है।

यह मामला मुस्तफाबाद विधानसभा क्षेत्र के मतदान केंद्र भाग संख्या 129 से जुड़ा है। आरोप है कि यहां मतदाता सूची से नाम हटवाने के लिए ऐसे लोगों के खिलाफ आवेदन दिए गए, जो जांच के दौरान अपने पते पर ही रहते हुए पाए गए। इनमें अधिकांश मुस्लिम मतदाता बताये जा रहे है।

क्या है पूरा मामला?

अंग्रेजी अखबार 'द हिंदू' की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में 28 अक्टूबर तक मुस्तफाबाद के मतदान केंद्र भाग संख्या 129 में 28 फॉर्म-7 जमा किए गए थे। इन आवेदनों में मतदाताओं के नाम सूची से हटाने की मांग की गई थी। आवेदन जमा करने वाले के तौर पर बीजेपी से जुड़े बूथ लेवल एजेंट चंद्रशेखर नैनवाल का नाम दर्ज था।

हालांकि, नैनवाल ने अखबार से बातचीत में इन आवेदनों को जमा करने से इनकार किया था। उन्होंने बीजेपी से किसी भी तरह का संबंध होने की बात भी नकारी।

बताया जा रहा है कि 29 और 30 अक्टूबर को नैनवाल के नाम से 9 और आवेदन जमा किए गए थे। इन फॉर्म में मतदाताओं के नाम हटाने की वजह 'अनुपस्थित/स्थायी रूप से स्थानांतरित' और 'मृत' बताई गई थी।

जांच में 36 आवेदन फर्जी पाए गए

जिला निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार ने बताया कि चुनाव अधिकारियों ने सभी 37 आवेदनों की स्वतंत्र रूप से जांच की। इस दौरान बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) और असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (AERO) ने संबंधित मतदाताओं के पते पर जाकर सत्यापन किया।

जांच में सामने आया कि जिन तीन मतदाताओं को आवेदन में मृत बताया गया था, वे जीवित मिले। वहीं, अन्य मतदाता भी अपने दर्ज पते पर रहते हुए पाए गए। अधिकारियों के मुताबिक, 37 में से केवल एक आवेदन सही पाया गया, जबकि बाकी 36 आवेदन फर्जी या गलत थे।

जिला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि फॉर्म-7 में जानबूझकर गलत जानकारी या घोषणा देने के मामले में संबंधित BLA के खिलाफ जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत कार्रवाई शुरू की गई है।

20 BJP बूथ एजेंटों के नाम पर 77 फीसदी आवेदन

'द हिंदू' की रिपोर्ट के मुताबिक, 3 नवंबर तक चुनाव अधिकारियों को कुल 1,021 फॉर्म-7 आवेदन मिले थे। इनमें से 77 फीसदी से अधिक आवेदनों में 20 बीजेपी बूथ लेवल एजेंटों को आपत्तिकर्ता के रूप में नामित किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, इन सभी आवेदनों में मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटाने की मांग की गई थी। इनमें से कई मतदाता जांच के दौरान अपने संबंधित पते पर रहते हुए पाए गए। फिलहाल चुनाव आयोग इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कर रहा है। अधिकारियों ने कहा कि मौजूदा कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।