नई दिल्ली

सत्य निकेतन में 7 मौतों के बाद कांग्रेस का बड़ा हमला, प्रमोद तिवारी बोले- ‘यह हादसा नहीं, सोची-समझी हत्या’

Pramod Tiwari Latest Statement: Delhi के Satya Niketan building collapse में 6 लोगों की मौत के बाद कांग्रेस ने सरकार और अधिकारियों पर सवाल उठाए। प्रमोद तिवारी ने घटना को 'सोची-समझी हत्या' बताते हुए जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
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Pramod Tiwari
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने हादसे को लेकर सरकार और जिम्मेदार अधिकारियों पर सवाल उठाए। (फाइल फोटो-IANS)

Congress on Satya Niketan: दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने से 7 लोगों की मौत के बाद अब इस मामले को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। कांग्रेस ने घटना को लेकर दिल्ली सरकार और जिम्मेदार अधिकारियों पर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि इसे महज एक हादसा मानकर मामला खत्म नहीं किया जा सकता। उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही का नतीजा बताते हुए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की।

प्रमोद तिवारी ने सवाल उठाया कि जब इमारत में छात्र पेइंग गेस्ट के तौर पर रह रहे थे और वहां निर्माण का काम चल रहा था, तो इसे रोका क्यों नहीं गया। उनका आरोप है कि इमारत की स्थिति और निर्माण से जुड़े नियमों की अनदेखी की गई।

'हादसे के बाद कुछ दिन शोर, फिर सब शांत'

कांग्रेस सांसद ने प्रशासन के काम करने के तरीके पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब कोई इमारत गिरती है तो कुछ दिनों तक जांच और कार्रवाई की बातें होती हैं। तस्वीरें सामने आती हैं, नेता बयान देते हैं, लेकिन कुछ समय बाद मामला शांत हो जाता है।

उन्होंने पूछा कि अगर निर्माण में नियमों का उल्लंघन हुआ था तो उसे समय रहते रोकने की जिम्मेदारी किसकी थी। तिवारी ने नगर निगम और पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाया। उनका कहना था कि सिर्फ मकान मालिक के खिलाफ कार्रवाई करने से पूरी जिम्मेदारी तय नहीं होगी।

पुरानी इमारत में चल रहा था निर्माण?

तिवारी ने दावा किया कि सत्य निकेतन की इमारत काफी पुरानी थी और उसमें अतिरिक्त निर्माण किया जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि ढांचा कमजोर होने के बावजूद काम जारी रहा।

हालांकि, इन दावों की पूरी सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी। कांग्रेस का कहना है कि जांच सिर्फ यह पता लगाने तक सीमित नहीं होनी चाहिए कि इमारत क्यों गिरी, बल्कि यह भी देखा जाना चाहिए कि अगर निर्माण नियमों के खिलाफ था तो उसे रोकने में किस स्तर पर लापरवाही हुई।

अजय राय ने की मुआवजे की मांग

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने भी घटना पर दुख जताते हुए मजिस्ट्रेट जांच की मांग की है। उन्होंने मृतकों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपए मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की।

सत्य निकेतन की घटना के बाद अब पुराने और कमजोर भवनों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों की नजर इस बात पर है कि जांच में हादसे की असली वजह क्या सामने आती है और इसके लिए आखिर किसकी जिम्मेदारी तय होती है।

फिलहाल कांग्रेस के तीखे आरोपों के बाद यह मामला राजनीतिक बहस का मुद्दा भी बन गया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के साथ किन लोगों की भूमिका सामने आती है और प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है।

Updated on:
07 Sept 2026 02:28 pm
Published on:
07 Sept 2026 02:28 pm