नई दिल्ली

राम मंदिर दान विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार, गबन के आरोपों की समयबद्ध जांच की मांग की गई थी

Ram Temple Donation Row Supreme Court: राम मंदिर दान विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला। अयोध्या राम मंदिर के चंदे में कथित गबन और हेराफेरी की समयबद्ध निष्पक्ष जांच वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का तुरंत सुनवाई से इनकार।
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Ram Temple Donation Row Supreme Court
सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार

SC Refuses Urgent Hearing Ram Temple Donation case: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए मिले दान में कथित तौर पर हुई वित्तीय हेराफेरी और गबन के मामले पर एक बड़ा फैसला सुनाया है। दरअसल, शीर्ष अदालत ने इस कथित घोटाले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग करने वाली याचिका पर तुरंत सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया है।

बता दें कि सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर के चंदे में कथित तौर पर हुए वित्तीय गबन की जांच को लेकर एक जनहित याचिका दाखिल की गई थी। याचिकाकर्ता ने अदालत से गुहार लगाई थी कि इस पूरे मामले की जांच के लिए एक स्वतंत्र एजेंसी या समिति गठित की जाए, जो एक निश्चित समय सीमा के भीतर निष्पक्ष जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट सौंपे। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की गंभीरता या तात्कालिकता को न मानते हुए याचिका पर 'अर्जेंट हीयरिंग' (त्वरित सुनवाई) देने से मना कर दिया। कोर्ट का रुख साफ था कि इस मामले को नियमित प्रक्रिया के तहत ही देखा जाएगा, इसके लिए किसी आपातकालीन या विशेष सुनवाई की आवश्यकता नहीं है।

अब तक 8 आरोपी गिरफ्तार

अयोध्या के श्रीराम मंदिर में कथित चढ़ावा गड़बड़ी मामले में पुलिस अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। गिरफ्तार किए गए लोगों में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रामशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामाशंकर उर्फ टिन्नू यादव शामिल हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, सभी आरोपी मंदिर में आने वाले नकद दान और अन्य चढ़ावे की गिनती तथा उससे संबंधित व्यवस्थाओं में किसी न किसी स्तर पर जुड़े हुए थे। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित अनियमितताओं में अन्य लोगों की भी कोई भूमिका थी या नहीं।

गौरतलब है कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट को देश-विदेश से मिले दान और जमीन की खरीद-फरोख्त को लेकर पहले भी विपक्षी दलों और कुछ सामाजिक संगठनों द्वारा वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे। हालांकि, मंदिर ट्रस्ट इन सभी आरोपों को हमेशा राजनीति से प्रेरित और बेबुनियाद बताता रहा है। सुप्रीम कोर्ट के आज के इस रुख के बाद इस मामले पर तुरंत कानूनी हस्तक्षेप चाहने वाले पक्षों को बड़ा झटका लगा है।

Updated on:
29 Jun 2026 12:18 pm
Published on:
29 Jun 2026 12:11 pm