Schools Closed: कड़ाके की ठंड और कोहरे को देखते हुए फिर से विंटर वेकशन को लेकर बदलाव किए गए हैं। नोएडा के स्कूलों में बच्चों के विंटर वेकेशन की छुट्टियां बढ़ा दी गई है। वहीं गाजियाबाद में स्कूल के समय में बदलाव किए गए हैं।
Schools Closed: मौसम लगातार अपने तेवर दिखा रहा है और कड़ाके की सर्दी लोगों को घरों में दुबके रहने के लिए मजबूर कर रही है। सुबह के समय घर से बाहर निकलना दिन-ब-दिन और मुश्किल होता जा रहा है। घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी बहुत कम हो जाती है, जिससे सड़क पर चलना और ट्रैवल करना बहुत रिस्की हो जा रहा है। इन्हीं हालात को ध्यान में रखते हुए और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने नोएडा में स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाने का फैसला लिया है। वहीं दूसरी तरफ गाजियाबाद में स्कूल खोलने का तो निर्णय लिया गया है, लेकिन सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए समय में बदलाव कर दिए गए हैं।
प्रशासन के अनुसार कक्षा नर्सरी से 8वीं तक के स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाई गई हैं। प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सेहत के साथ किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता है। बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार ने यह बताया कि मौसम की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए डीएम ने यह निर्णय लिया है। उनके आदेश के अनुसार 8वीं क्लास तक के बच्चों की छुट्टियां 17 जनवरी तक बढ़ा दी गई हैं। 18 जनवरी को रविवार है जिस वजह से कुल मिलाकर बच्चों की तीन दिन की छुट्टियां और बढ़ा दी गई हैं।
जिला प्रशासन ने सभी स्कूलों को इस आदेश का पूरी तरह से पालन करने के निर्देश दिए हैं और साथ ही यह चेतावनी भी दी है कि अगर कोई स्कूल दिए गए निर्देशों का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह निर्देश सीबीएसई, आईसीएसई, आईबी, यूपी बोर्ड समेत सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों पर यह नियम लागू होगा। इससे पहले भी ठंड के चलते जिले में विंटर वेकेशन को 15 जनवरी तक बढ़ाया गया था, लेकिन अब मौसम और ज्यादा खराब होने की वजह से दो दिन की छुट्टियां और बढ़ा दी गई हैं। प्रशासन लगातार मौसम पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर आगे भी निर्णय में बदलाव किए जा सकते हैं।
गाजियाबाद में स्कूलों को दोबारा खोलने का निर्णय लिया गया है, लेकिन साथ ही बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल का समय 10 से 3 बजे का रखा गया है। यहां पर आज यानी 16 जनवरी से रेगुलर स्कूल खुलेंगे। वहीं अधिकारियों का कहना है कि स्कूलों का समय देर से करने का निर्णय इसलिए लिया गया ताकि बच्चों को सुबह की सर्दी और कोहरे से राहत मिल सके। यह व्यवस्था अस्थायी रूप से की गई है, हालातों के अनुसार प्रशासन बदलाव कर सकता है।