नई दिल्ली

हैट्ट्रिक की तैयारियों में जुटी भाजपा के सामने सीट शेयरिंग का फार्मुला चुनौती

पश्चिम बंगाल में भारी जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी ने जहां पंजाब के चुनाव अभियान की शुरुआत शनिवार से कर दी है वहीं उत्तर प्रदेश में हैट्ट्रिक बनाने के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। पार्टी वहां जल्द ही नई प्रदेश टीम की घोषणा करेगी। इसे मुख्यालय के स्तर पर हरी झंडी दे दी है और प्रदेशाध्यक्ष पंकज चौधरी इसकी कभी भी घोषणा कर सकते हैं

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अभिषेक सिंघल

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में भारी जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी ने जहां पंजाब के चुनाव अभियान की शुरुआत शनिवार से कर दी है वहीं उत्तर प्रदेश में हैट्ट्रिक बनाने के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। पार्टी वहां जल्द ही नई प्रदेश टीम की घोषणा करेगी। इसे मुख्यालय के स्तर पर हरी झंडी दे दी है और प्रदेशाध्यक्ष पंकज चौधरी इसकी कभी भी घोषणा कर सकते हैं। एनडीए के घटक दलों के बीच विधानसभा की 403 सीटों की शेयरिंग को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गयी है और इसके लिए जल्द ही बैठक होगी। एनडीए के घटक दलों में सीट शेयरिंग का फार्मूला भाजपा के लिए चुनौती बन सकता है।

पिछले दिनों दिल्ली पहुंचे नेताओं ने की थी मांग

मोदी सरकार के बारह साल पूरे होने पर पिछले दिनों हुई एनडीए की बैठक में यूपी से सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के ओम प्रकाश राजभर, निषाद पार्टी के संजय निषाद ने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से इस बारे में चर्चा की थी। वहीं दूसरे दिन भाजपा मुख्यालय में भी राजभर ने नितिन नवीन से मुलाकात की। बाद में राजभर और संजय निषाद ने भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव सुनील बंसल से भी मुलाकात की।इन बैठकों में चुनाव और सीट शेयरिंग जैसे मुद्दों पर बात हुई। पार्टी ने सरकार के बारह साल पर पार्टी के जनसम्पर्क अभियान के रविवार को पूरा होने के बाद इस पर चर्चा शुरू करने के संकेत दिए हैं।

बीजेपी की कमजोर सीटों पर सहयोगियों की नजर

पिछले विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव में जिन सीटों पर भाजपा का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा उन पर सहयोगी दलों ने नजर जमाना शुरू कर दिया है। पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी को 18 जिलों में हार का सामना करना पड़ा था। लोकसभा के परिणाम को भी ध्यान में रखते हुए अब पार्टी का सहारनपुर, मुरादाबाद, अयोध्या और आजमगढ़ मंडलों पर ज्यादा फोकस है। हाल ही संजय निषाद ने दिल्ली में सहारनपुर, मेरठ एवं आगरा के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। वे पूर्वांचल तक सीमित नहीं रहना चाहते। वहीं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी(सुभासपा) ने पिछले दिनों 63 सीटों पर तैयारी शुरू कर दी है।राष्ट्रीय लोक दल पश्चिमी यूपी में अपनी ताकत बढ़ाने पर जोर देता दिख सकता है।

गठबंधन की स्थिति

भाजपा: 2022 में 370 सीटों पर लड़ कर 255 जीती। 2022 में 57 सीटों का नुकसान हुआ। पार्टी 20 सीटें सहयोगियों की संख्या बढ़ने कारण छोड़ कर 350 से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ना चाहेगी।
अपना दल (एस): केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल की पार्टी ने 2022 में 17 सीटों पर लड़ 12 सीटों पर जीत हासिल की।
राष्ट्रीय लोक दलः जयंत चौधरी की अगुआई वाली रालोद 2022 में समाजवादी पार्टी के साथ 33 सीटों में 8 सीटों पर जीती थी। लोकसभा में एनडीए से दो सीटों में से दोनों जीती।
निषाद पार्टी: 2022 में 16 सीटें और छह भाजपा के सिंबल पर लड़ीं। पार्टी ने छह पर जीत दर्ज की थी।
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी: 2017 में सुभासपा भाजपा के साथ थी तब 8 सीटों में चार पर जीती थी। 2022 में सुभासपा सपा के साथ थी 18 में से छह जीती थी।

Published on:
22 Jun 2026 04:08 pm
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