Gas cylinder fraud Delhi: एलपीजी की किल्लत के बीच दिल्ली में गैस सिलेंडर को लेकर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। विवेक विहार में एक उपभोक्ता ने 3000 रुपये में खरीदा सिलेंडर एक दिन में खत्म होने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
Gas cylinder fraud Delhi: खाड़ी देशों में लंबे समय से चल रहे युद्ध का असर अभी-भी भारत में देखा जा सकता है। देश में अभी-भी एलपीजी गैस की किल्लत है। एक तरफ जनता घर का चूल्हा जलाने के लिए लाइन में लगकर या दोगुने-तिगुने दाम देकर सिलेंडर की व्यवस्था कर रही है तो वहीं दूसरी तरफ गैस बेचने वाले जमकर धोखाधड़ी कर रहे हैं। दरअसल, पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार स्थित एक गैस एजेंसी में मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ। तबरेज नामक उपभोक्ता ने आरोप लगाया कि उसने सोमवार को 3000 रुपये में ब्लैक में सिलेंडर खरीदा था, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि महज एक दिन के भीतर ही मंगलवार को गैस खत्म हो गई, जिसके बाद उसने एजेंसी पर नाराजगी जताई।
उपभोक्ता तबरेज ने जब इस पूरी धोखाधड़ी और गैस चोरी की शिकायत संबंधित गैस एजेंसी में की, तो वहां का नजारा बेहद चौंकाने वाला था। उपभोक्ता की समस्याओं का समाधान करने के बजाय, एजेंसी के कर्मचारी अपनी गलती मानने को तैयार नहीं हुए। तबरेज का आरोप है कि वहां मौजूद कर्मियों ने न केवल उनकी बात अनसुनी कर दी, बल्कि वे बदसलूकी और हाथापाई (लड़ाई-झगड़े) पर उतारू हो गए। जब स्थिति नियंत्रण से बाहर होने लगी और उपभोक्ता को कोई रास्ता नहीं सूझा, तो उन्होंने मजबूर होकर पुलिस सहायता के लिए कॉल किया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जिसके बाद तबरेज ने लिखित रूप में गैस चोरी और एजेंसी की लापरवाही के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। फिलहाल, पुलिस ने इस विवाद का संज्ञान लेते हुए दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर लिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि गैस सिलेंडरों के वजन में हेराफेरी और उपभोक्ताओं के साथ किए गए दुर्व्यवहार के पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहराई से जांच की जा रही है, ताकि दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जा सके।
दिल्ली पुलिस की सख्ती और निरंतर छापेमारी के बावजूद, राजधानी के कई इलाकों में गैस सिलेंडरों की अवैध रिफिलिंग का काला कारोबार धड़ल्ले से जारी है। मंगलवार को ऐसा ही एक गंभीर नजारा विवेक विहार थाने के चंद कदमों की दूरी पर देखने को मिला, जो कानून के खौफ पर सवालिया निशान लगाता है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यहाँ सरेआम 400 से 500 रुपये प्रति किलो की दर से गैस की कालाबाजारी की जा रही है। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि रिफिलिंग के दौरान सुरक्षा मानकों की पूरी तरह अनदेखी की जा रही है, जिससे घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने अब इस गिरोह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।