
Sonia Gandhi Diwali: कांग्रेस संसदीय दल (CPP) की अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनकी बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा ने दिवाली के मौके पर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के साथ बिताए त्योहार के पुराने दिनों को याद किया। दोनों ने परिवार में दिवाली मनाने की परंपराओं, घर की सजावट, दीये जलाने और चांदनी चौक जाकर पटाखे खरीदने से जुड़ी यादें साझा कीं।
सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में सोनिया गांधी ने बताया कि उनके परिवार में दिवाली का त्योहार बेहद खास तरीके से मनाया जाता था। घर के प्रवेश द्वार पर भगवान गणेश की प्रतिमा रखी जाती थी और उसके सामने पहला दीया जलाया जाता था। उन्होंने बताया कि यह प्रतिमा अब भी उनके पास है। सोनिया गांधी ने पुराने दिनों की सजावट को याद करते हुए कहा कि उस समय आज की तरह हर जगह बिजली की झालरें नहीं होती थीं। घर के तालाब, छत, बरामदे और रास्तों के किनारे मिट्टी के दीये जलाए जाते थे, जिससे पूरा माहौल बेहद खूबसूरत नजर आता था।
प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपने बचपन की दिवाली को याद करते हुए बताया कि त्योहार के दौरान पूरा परिवार उत्साह से जश्न मनाता था। उन्होंने खास तौर पर बताया कि उनके पिता राजीव गांधी उन्हें और परिवार के अन्य सदस्यों को पटाखे खरीदने के लिए पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक ले जाया करते थे। प्रियंका ने कहा कि पापा हमें पटाखे खरीदने के लिए चांदनी चौक ले जाते थे। हम पुरानी दिल्ली जाकर पटाखे खरीदते थे। सोनिया गांधी ने भी पटाखों की यादें साझा कीं। उन्होंने बताया कि उन्हें फुलझड़ियां काफी पसंद थीं, हालांकि तेज आवाज वाले कुछ पटाखों में उनकी खास दिलचस्पी नहीं थी।
प्रियंका गांधी ने बताया कि उनके परिवार में होली और दिवाली जैसे त्योहार पूरे उत्साह के साथ मनाए जाते थे। इन मौकों पर अलग-अलग क्षेत्रों और पृष्ठभूमि से जुड़े लोग परिवार के घर के बगीचे में जुटते थे और साथ मिलकर त्योहार का आनंद लेते थे। सोनिया गांधी ने उन दिनों के मौसम को भी याद किया। उन्होंने कहा कि उस समय दिवाली के आसपास आसमान साफ और नीला दिखाई देता था, जो आज कम देखने को मिलता है।
सोनिया गांधी ने परिवार की दिवाली से जुड़ी खान-पान की परंपरा का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि त्योहारों के दौरान घर में कश्मीरी खाना बनाया जाता था। इसके साथ एक खास तरह का मीठा चावल भी तैयार किया जाता था, जिसे परिवार आज भी बनाता है। सोनिया गांधी ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए लिखा कि उन्होंने दिवाली मनाने की अपनी शुरुआती यादों, परंपराओं, त्योहार की खुशियों और उन छोटे-छोटे पलों को याद किया, जिन्होंने इस त्योहार को उनके लिए खास बनाया।
सोनिया गांधी के जीवन और उनकी निजी यादों से जुड़ी उनकी संस्मरण पुस्तक ‘Belonging: A Journey of Love’ भी इन दिनों चर्चा में है। प्रकाशक Alfred A. Knopf के मुताबिक यह किताब 10 नवंबर को प्रकाशित होगी। किताब में सोनिया गांधी ने इटली में अपने बचपन, राजीव गांधी से मुलाकात और उनके साथ रिश्ते के अलावा अपने जीवन से जुड़े कई महत्वपूर्ण व्यक्तिगत अनुभवों को दर्ज किया है। इसमें पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की हत्या के बाद के उनके जीवन और भारत से उनके जुड़ाव का भी जिक्र है। सोनिया गांधी की राजीव गांधी से मुलाकात 1965 में कैंब्रिज में हुई थी। दोनों ने 25 फरवरी 1968 को शादी की थी।