नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि हमारी मिट्टी की खुशबू ही हमारी पहचान को परिभाषित करती है। माटी महोत्सव जैसे सांस्कृतिक उत्सव युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़े रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, खासकर उस दौर में जब वैश्विक अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं। बिरला ने पूर्वांचल की समृद्ध सांस्कृतिक […]
नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि हमारी मिट्टी की खुशबू ही हमारी पहचान को परिभाषित करती है। माटी महोत्सव जैसे सांस्कृतिक उत्सव युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़े रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, खासकर उस दौर में जब वैश्विक अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं।
बिरला ने पूर्वांचल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं के जश्न के रूप में आयोजित ‘माटी 9’ महोत्सव में क्षेत्र की मिट्टी, संस्कृति और सामुदायिक मूल्यों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल की “माटी” केवल मिट्टी नहीं, बल्कि परंपरा, संघर्षशीलता और जीवंत सामाजिक ताने-बाने का प्रतीक है। लोकसभा अध्यक्ष ने स्थानीय भाषाओं, लोक कलाओं और पारंपरिक व्यंजनों के संरक्षण को समय की जरूरत बताते हुए कहा कि ये तत्व न केवल इतिहास को सहेजते हैं, बल्कि देश की सांस्कृतिक एकता को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने पूर्वांचल के सांस्कृतिक पर्यटन के रूप में उभरने पर भी खुशी जताई और कहा कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने विदेशों में बसे पूर्वांचल के लोगों (डायस्पोरा) की सराहना करते हुए कहा कि वे अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए वैश्विक मंच पर भारत की पहचान मजबूत कर रहे हैं। बिरला ने कहा कि पूर्वांचल के लोगों ने देश और दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है और उनकी प्रतिभा संसद से लेकर गांवों तक, हर स्तर पर राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रही है।इस अवसर पर इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष और वरिष्ठ पत्रकार राम बहादुर राय भी मौजूद रहे।