
Swatantra Bhardwaj case:स्वतंत्र भारद्वाज को पुलिस हिरासत में लिए जाने के बाद दिल्ली में उनके समर्थन में प्रदर्शन शुरू हो गया। शनिवार को हिंदू रक्षा दल समेत कई हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता संसद मार्ग थाने के बाहर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने स्वतंत्र की रिहाई की मांग की और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
प्रदर्शन शिवम ठाकुर और दक्ष चौधरी के नेतृत्व में किया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि स्वतंत्र के खिलाफ दर्ज मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका आरोप है कि केस में कुछ गंभीर धाराएं दबाव में जोड़ी गई हैं और इन्हें हटाया जाना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान कई कार्यकर्ता थाने के बाहर मौजूद रहे। स्वतंत्र भारद्वाज की ओर से वकीलों की एक टीम ने भी पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की। वकीलों ने मामले को लेकर अपनी बात रखी, लेकिन उन्हें फिलहाल रिहाई या केस में बदलाव को लेकर कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला।
दक्ष चौधरी ने स्वतंत्र पर लगाई गई धाराओं पर भी सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि एससी/एसटी एक्ट, धारा 307 और पॉक्सो एक्ट समेत दूसरी धाराओं की समीक्षा की जाए। उनका दावा है कि इन धाराओं का इस्तेमाल गलत तरीके से किया गया है।
मामला जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान निशू आजाद के पिता संजय कुमार के साथ हुई कथित मारपीट से जुड़ा है। संजय कुमार की शिकायत पर संसद मार्ग थाने में मामला दर्ज किया गया था। निशू आजाद का आरोप है कि उनके पिता को चोट लगी थी और पुलिस ने शुरुआत में मामले में पर्याप्त कार्रवाई नहीं की।
इसके बाद स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक पॉडकास्ट का वीडियो सामने आया। इसमें उन्होंने संजय कुमार के साथ हुई झड़प को लेकर अपनी बात रखी थी। उन्होंने एक जगह मारपीट की बात कही, लेकिन बाद में इसे आत्मरक्षा बताया। उनका दावा था कि कई लोगों ने उन्हें घेर लिया था।
वहीं, पुलिस के मुताबिक संजय कुमार के सिर पर चोट लगी थी और उन्हें मेडिकल जांच के लिए आरएमएल अस्पताल ले जाया गया था। मेडिकल रिपोर्ट में चोट साधारण बताई गई। पुलिस ने सिर में फ्रैक्चर होने के दावे को भी गलत बताया है।
शुक्रवार को पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया। इससे पहले सीजेपी कार्यकर्ताओं ने उनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर संसद मार्ग थाने पर प्रदर्शन किया था। अब स्वतंत्र के समर्थन में हुए प्रदर्शन के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में है।