
राशिद अल्वी ने स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी पर बीजेपी को घेरा। (फाइल फोटो-IANS)
Delhi political news:स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने इस मामले को लेकर बीजेपी पर सीधा निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में कानून और जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर विपक्ष और सत्ताधारी दल के नेताओं के बीच फर्क दिखाई देता है। अल्वी ने कहा कि विपक्षी नेताओं के खिलाफ ED, CBI और आयकर विभाग तेजी से सक्रिय हो जाते हैं, जबकि बीजेपी नेताओं के मामलों में ऐसा रवैया नजर नहीं आता।
अल्वी का बयान सिर्फ भारद्वाज की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने इस मामले को विपक्ष की उस पुरानी शिकायत से जोड़ दिया, जिसमें केंद्रीय जांच एजेंसियों के इस्तेमाल को लेकर सरकार पर सवाल उठाए जाते रहे हैं। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि विपक्ष पर कार्रवाई के लिए एजेंसियां हमेशा तैयार रहती हैं।
राशिद अल्वी ने स्वतंत्र भारद्वाज के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि अगर उन्होंने ऐसी बात कही है तो उसे पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता। उन्होंने भारद्वाज की गिरफ्तारी के समय पर भी सवाल उठाया।
अल्वी के मुताबिक, यह कार्रवाई उस समय हुई जब लोगों ने मामले को लेकर आवाज उठानी शुरू कर दी थी और मामला सार्वजनिक चर्चा में आया। उन्होंने यह भी कहा कि अभी यह कहना मुश्किल है कि पुलिस अदालत में इस मामले को किस तरह आगे बढ़ाएगी और मुकदमा कितनी मजबूती से लड़ा जाएगा।
कांग्रेस नेता ने अपनी बात रखते हुए एक दूसरे मामले का उदाहरण भी दिया। उन्होंने उस मिश्रा का जिक्र किया, जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की बात हाईकोर्ट की ओर से कही गई थी। अल्वी ने कहा कि इसके बावजूद आज वही व्यक्ति दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं।
इसी उदाहरण के जरिए उन्होंने बीजेपी और विपक्ष के लिए कानून के अलग-अलग इस्तेमाल का आरोप लगाया। उनका कहना था कि अगर विपक्ष के किसी नेता से जुड़ा मामला सामने आता है तो जांच एजेंसियां तेजी दिखाती हैं, लेकिन बीजेपी से जुड़े नेताओं के मामलों में वैसी सक्रियता दिखाई नहीं देती।
राशिद अल्वी ने ED, CBI और आयकर विभाग का नाम लेते हुए कहा कि ये एजेंसियां विपक्ष के खिलाफ कार्रवाई के लिए 24 घंटे तैयार रहती हैं। उनका आरोप है कि राजनीतिक मामलों में एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर एक समान रवैया नहीं अपनाया जा रहा है।
दरअसल, जांच एजेंसियों की कार्रवाई लंबे समय से सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस का मुद्दा रही है। विपक्ष अक्सर इन एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाता रहा है, जबकि बीजेपी इन आरोपों को खारिज करते हुए कहती रही है कि जांच एजेंसियां अपना काम कानून के मुताबिक करती हैं।
ऐसे में स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी पर अल्वी का बयान मामले को कानूनी दायरे से निकालकर एक बार फिर बड़े राजनीतिक विवाद के बीच ले आया है। अब इस मामले में आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई और जांच की दिशा पर सभी की नजर रहेगी।
Updated on:
05 Sept 2026 10:36 am
Published on:
05 Sept 2026 10:36 am
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