दिल्ली सो चोरी करने के बाद कार को मेरठ की नंबर प्लेट से चलाया जा रहा था। चौराहे पर पुलिसकर्मियों को देखकर कार झटके लेने लगी इसके बाद पुलिसकर्मियों ने इसे पकड़ लिया और बड़ा खुलासा हुआ।
Tarzan Car एनसीआर की यह घटना 2004 में रिलीज हुई थ्रिलर फिल्म 'टार्जन द वंडर कार' से काफी मिलती-जुलती है। दिल्ली से चुराई गई एक टाटा नेक्सन ( TATA Nexon ) कार को मेरठ का युवक फर्जी नंबर प्लेट लगाकर चला रहा था। चौराहे पर पुलिस को देखकर अचानक कार की रफ्तार बढ़ी तो पुलिसकर्मियों ने इसे रोक लिया। ऑनलाइन नंबर चेक किया तो मामला संदिग्ध लगा। इसके बाद चेसिस नंबर से जांच की गई तो पता चला कि कार चोरी की है जिसपर फर्जी नंबर प्लेट लगी है। यह मामला यहीं तक नहीं रुका और यह कार पुलिसकर्मियों को मेरठ के होटल में लेकर पहुंची जहां से दो युवतियों को रेस्क्यू किया गया। इन दोनों युवतियों को जबरन देह व्यापार के धंधे में धकेला गया था।
घटना गुरुवार की है। मेरठ के जानी क्षेत्र में पुलिस टीम वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक टाटा नेक्सन कार आती हुई दिखाई दी। पुलिसकर्मी इसे चेक नहीं कर रहे थे लेकिन अचानक से कार की रफ्तार असामान्य तरीके से तेज होती हुई दिखी तो पुलिसकर्मियों का ध्यान इस कार पर चला गया। तुरंत पुलिसकर्मियों ने कार चालक को रुकने का इशारा किया। रुकने पर जांच की गई तो कार पर जो नंबर था वह कार की डिटेल से मैच नहीं कर रहा था। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने गंभीरता से जांच करते हुए चेसिस नंबर से ऑन लाइन जांच की तो पता चला कि जिस कार पर यूपी 15 नंबर डला है उसका असली नंबर दिल्ली का है। यह भी जानकारी मिली कि कार दिल्ली से चोरी की गई है और इसकी तलाश के लिए दिल्ली के गोविंदपुरी थाने में FIR दर्ज है। पुलिस ने चालक से पूछताछ की तो उसने अपना नाम अब्दुल रहमान बताया। इसके बाद सख्ती से पूछताछ करने पर उसने हैरान कर देने वाला खुलासा किया।
पुलिस के अनुसार सख्ती से पूछताछ करने पर अब्दुल रहमान ने बताया कि उसने कार को दिल्ली से चोरी किया था। चोरी करने के बाद कार पर मेरठ यानी यूपी 15 की नंबर प्लेट लगाई और इस्तेमाल करने लगा। ये भी बताया कि इस कार में वह अलग-अलग जनपदों से लड़कियों को लाता है और उनसे अनैतिक देह व्यापार का धंधा करवाता है। आगे पूछने पर इसने एक होटल का नाम बताया। पुलिस टीम इसी कार में बैठकर उस होटल पर पहुंची। पुलिसकर्मियों के अनुसार होटल से दो लड़कियों को रेस्क्यू किया गया। दोनों ने बताया कि उन्हे जबरन अनैतिक देह व्यापार के धंधे में धकेला गया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना के बाद कार को टार्जन-द-वंडर कार का नाम दिया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि पकड़े गए आरोपी से जो पूछताछ की गई है उसने कुछ और नाम भी बताए हैं जल्द अन्य आरोपियों तक भी पुलिस पहुंच जाएगी।
टार्जन-द-वंडर कार एक हिंदी फिल्म की कहानी जो 2004 में रिलीज हुई थी। इसमें एक ऐसी कार दिखाई गई है जो फिल्म के हीरों की हत्या का बदला स्वयं लेती है और फिल्म के हीरो की हत्या करने वालों को चुन-चुनकर मारती है। फिल्म में दिखाया गया है कि कार देखती है और सुनती भी है और फिर टारगेट पर जाकर हमला करती है। इस दौरान जो टूट-फूट होती है उसे भी खुद ही ठीक कर लेती है और फिर अपने चुपचाप अपने स्थान पर जाकर खड़ी हो जाती है।