जांच में सामने आया है कि होटल के अंदर सुरक्षा के नियमों की धज्जियां उड़ाई गई थीं, जो इस दर्दनाक हादसे की सबसे बड़ी वजह बनी। बिल्डिंग की सभी खिड़कियां और कांच के पैनल चारों तरफ से पूरी तरह सील थे। इसका नतीजा यह हुआ कि जब आग लगी, तो दम घोटने वाला धुआं बाहर ही नहीं निकल पाया और लोग अंदर तड़पते रहे। रही-सही कसर बेसमेंट के लॉक दरवाजे और रास्ते में लगी ढाई फीट ऊंची लोहे की जाली ने पूरी कर दी। रेस्क्यू टीम को सिर्फ इस दरवाजे को खोलने और लोहे की जाली को काटने में ही 20 मिनट बर्बाद करने पड़े। हालांकि, बाद में टीम ने सूझबूझ दिखाते हुए बेसमेंट से 6-7 लोगों को सही-सलामत बाहर निकाल लिया।