लोगों की जान बचाने के लिए रियाजुद्दीन ने अपनी दुकान के 2 लाख के गद्दे बिछा दिए, उनका कहना है कि इंसानियत के आगे पैसों की कोई कीमत नहीं है। इतना ही नहीं दोनों बाप-बेटे ने मिलकर सबकी मदद करने के साथ ही लाशों और घायलों को ले जाने के लिए अपनी दुकान से चादरें और रजाई के कवर भी दे दिए। रियाजुद्दीन ने दिल छूने वाली बात कही, मेरा 2 लाख का नुकसान हुआ तो क्या हुआ, इंसानियत के नाते सब बराबर हैं। चाहे हिंदू हो या मुस्लिम, हम सब पहले हिंदुस्तानी हैं। अपने भाइयों की मदद करना मेरा फर्ज था।