नई दिल्ली

विपक्ष के नैरेटिव में उलझने से बच कर अपने मुद्दों पर मैदान में उतरेगी भाजपा

बूथ स्तर तक संघ, संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल तथा जनता से सीधे संवाद को चुनावी तैयारी का आधार बनाने पर रहा जोर
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Updated: 18 Sep 2026, 11:06 AM IST
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नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच आरएसएस और भाजपा ने चुनावी रणनीति की दिशा तय करनी शुरू कर दी है। लखनऊ में अवध और कानपुर क्षेत्र के पदाधिकारियों के साथ हुई समन्वय बैठक में संगठन को साफ संदेश दिया गया कि विपक्ष के मुद्दों और नैरेटिव के पीछे चलने के बजाय अपने एजेंडे के साथ जनता के बीच जाना है। बैठक में बूथ स्तर तक संघ, संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल तथा जनता से सीधे संवाद को चुनावी तैयारी का आधार बनाने पर जोर रहा।

सूत्रों के मुताबिक बैठक में फीडबैक के दौरान यूजीसी नियम, पेपर लीक, रोजगार और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को युवाओं के बीच चुनौती के तौर पर सामने आए। निचले स्तर पर भ्रष्टाचार, आम लोगों की शिकायतों पर सुनवाई में देरी और सरकार में कार्यकर्ताओं की अपेक्षित सुनवाई नहीं होने से संगठन में असंतोष का फीडबैक भी मिला। जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और संगठन के बीच बेहतर समन्वय को लेकर भी चर्चा हुई।

फीडबैक के बाद भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष और संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार ने पदाधिकारियों को संदेश दिया कि विपक्ष अपना नैरेटिव बनाकर उसे आगे बढ़ाएगा, लेकिन विपक्ष के मुद्दों पर प्रतिक्रिया देने के बजाय अपने लक्ष्य तय करने होंगे। यूजीसी और पेपर लीक जैसे मामलों में सरकार की ओर से किए गए फैसलों की जानकारी कार्यकर्ताओं और जनता तक तथ्यों के साथ पहुंचाने पर जोर दिया गया।

बैठक में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं तथा विकास और कानून-व्यवस्था के काम को जनता के बीच ले जाने की रणनीति बनी। बूथ, शक्ति केंद्र और मंडल स्तर पर सक्रियता बढ़ाने के साथ सभी वर्गों तक पहुंच बनाने पर जोर रहा। सेवा संकल्प अभियान को भी जनसंपर्क के बड़े माध्यम के तौर पर इस्तेमाल करने की बात हुई।

बैठक तीन चरणों में हुई। पहले सामूहिक बैठक में फीडबैक लिया गया, इसके बाद अवध और कानपुर क्षेत्र की अलग-अलग बैठकें हुईं। भाजपा प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह और संघ के क्षेत्र व प्रांत स्तर के पदाधिकारी इसमें शामिल रहे।

अगली बैठकों में और गहराएगा मंथन

  • काशी-गोरक्ष क्षेत्र के बाद ब्रज-पश्चिम क्षेत्र की बैठक प्रस्तावित
  • बूथ स्तर पर संघ-भाजपा समन्वय बढ़ाने पर फोकस
  • युवा, रोजगार, शिक्षा और पेपर लीक प्रमुख फीडबैक
  • कार्यकर्ताओं की सुनवाई और निचले स्तर के भ्रष्टाचार पर चिंता
  • सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों को सीधे जनता तक पहुंचाने की रणनीति
Updated on:
18 Sep 2026, 11:06 AM IST
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