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पीएम करेंगे मंत्रियों के साथ चिंतन बैठक, 23-24 सितंबर को दो दिन जुटेंगे कैबिनेट मंत्री

बैठक से पहले प्रधानमंत्री ने मंत्रियों के छह से ज्यादा समूह बनाए गए हैं। प्रत्येक समूह में आठ मंत्री होंगे। ये समूह आत्म-सुधार, संवाद और गवर्नेंस जैसे विषयों पर तैयारी करेंगे। बैठक में इन समूहों की ओर से विषयवार प्रस्तुति और चर्चा की संभावना है।
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नई दिल्ली

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Abhishek Singhal

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Updated: 18 Sep 2026, 11:29 AM IST

pm modi

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह कैबिनेट मंत्रियों के साथ दो दिवसीय चिंतन बैठक करेंगे। सूत्रों के अनुसार 23 और 24 सितंबर को सेवा तीर्थ में प्रस्तावित इस बैठक में सरकार के कामकाज, नीतियों के क्रियान्वयन, मंत्रालयों के बीच तालमेल और आगे की प्राथमिकताओं पर मंथन होगा। सूत्रों के अनुसार सभी मंत्रियों को इसके लिए दिल्ली में रहने के लिए कहा गया है।

सूत्रों के अनुसार बैठक से पहले प्रधानमंत्री ने मंत्रियों के छह से ज्यादा समूह बनाए गए हैं। प्रत्येक समूह में आठ मंत्री होंगे। ये समूह आत्म-सुधार, संवाद और गवर्नेंस जैसे विषयों पर तैयारी करेंगे। बैठक में इन समूहों की ओर से विषयवार प्रस्तुति और चर्चा की संभावना है। इस कवायद को सरकार के तीसरे कार्यकाल के मध्य में मंत्रालयों के कामकाज की व्यापक समीक्षा के रूप में देखा जा रहा है।

पिछले कार्यकाल में हुआ था चिंतन शिविर

2021 के चिंतन शिविर से जुड़ी सिफारिशों पर भी इस बार फोकस रहेगा। वहीं इससे पहले भी इसी वर्ष जून में भी मंत्रियों के साथ रिव्यू बैठक की गई थी जो चार घंटे चली थी। हाल में राज्यमंत्रियों के साथ भी रिव्यू किया गया था। सचिवों के साथ भी दो राउंड में सरकारी विभागों के कामकाज की समीक्षा की जा चुकी है। अब आगामी बैठक के लिए मंत्रालयों से पिछली बैठक में तय बिंदुओं पर हुई कार्रवाई का विवरण मांगे जाने की जानकारी सामने आई है। उस समय मंत्रालयों में लाइव डैशबोर्ड, नियमित प्रगति समीक्षा और कर्मचारियों से फीडबैक लेने जैसे निर्देश दिए गए थे।

सरकारी काम में जनभागीदारी पर चर्चा

हाल ही प्रधानमंत्री ने मंत्रालयों और विभागों की आधिकारिक वेबसाइटों को अधिक यूजर-फ्रेंडली बनाने पर भी जोर दिया था। ऐसे में इस बार सरकार के कामकाज के साथ जनता तक सरकारी योजनाओं और उपलब्धियों की पहुंच तथा संवाद व्यवस्था भी चर्चा का हिस्सा बन सकती है। प्रधानमंत्री मोदी लगातार नवाचार और कामकाज में जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं।

संभावित कैबिनेट फेरबदल की अटकलें क्यों

  • परफॉर्मेंस रिव्यू: मंत्रालयों के कामकाज और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा को फेरबदल की अटकलों से जोड़कर देखा जा रहा है। सितंबर की शुरुआत में प्रधानमंत्री की मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा संबंधी बैठकें भी हुई थीं।-कार्यकाल का मध्य चरण: मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का लगभग मध्य समय है। ऐसे में सरकार की अगली प्राथमिकताओं के अनुरूप जिम्मेदारियों में बदलाव की संभावना को लेकर चर्चा है।
  • 2021 में फेरबदल के बाद चिंतन : पिछला राष्ट्रीय स्तर का चिंतन शिविर अक्टूबर 2021 में हुआ था और उससे पहले जुलाई 2021 में बड़ा मंत्रिमंडल विस्तार हुआ था। मौजूदा चिंतन बैठक को सीधे कैबिनेट फेरबदल की प्रक्रिया मानने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
  • खाली हैं जगह, मंत्रियों के पास ज्यादा विभाग: कैबिनेट मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान, राज्य मंत्री जार्ज कुरियन, रवनीत सिंह बिट्टू के इस्तीफा देने से जगहें खाली हुई हैं। वहीं कई मंत्रियों के पास एक से ज्यादा विभागों का काम है। अभी केन्द्र में पीएम सहित 69 मंत्री हैं। यह संख्या 81 तक हो सकती है।

चिंतन बैठक में संभावित प्रमुख मुद्दे

  • मंत्रालयों के कामकाज की समीक्षाः योजनाओं की प्रगति, लक्ष्य और लंबित कार्य।
  • गवर्नेंस में सुधारः निर्णय लेने की गति और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाना
  • मंत्रालयों के बीच तालमेलः एक से अधिक मंत्रालयों से जुड़े प्रोजेक्ट्स में बेहतर कोऑर्डिनेशन
  • जनता से संवादः सरकारी योजनाओं और उपलब्धियों को सरल तरीके से लोगों तक पहुंचाना
  • डिजिटल गवर्नेंसः मंत्रालयों की वेबसाइट, डैशबोर्ड और डिजिटल सेवाओं को अधिक यूजर-फ्रेंडली बनाना।
  • 2021 की सिफारिशों की समीक्षाः किन निर्देशों पर अमल हुआ और किन पर काम बाकी है।
  • अगले चरण का एजेंडाः तीसरे कार्यकाल के शेष समय के लिए सरकार की प्राथमिकताओं और सुधारों की दिशा।