त्रिपुरा पुलिस ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक सहित पांच टीएमसी नेताओं पर मुकदमा दर्ज किया है। बता दें कि त्रिपुरा में 2023 में विधानसभा चुनाव (Tripura Assembly Election 2023) प्रस्तावित है, इसके लेकर बीजेपी और टीएमसी मैदान में हैं।
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Election 2021) के बाद पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा में भाजपा (BJP) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच विधानसभा चुनाव (Tripura Assembly Election 2023) को लेकर तकरार शुरू हो गई है। इसी बीच हमले को लेकर दोनों पार्टियों में जारी आरोप-प्रत्यारोप के बीच त्रिपुरा पुलिस ने ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी समेत पांच नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। यह मुकदमा खोवाई थाने में दर्ज किया गया है।
खोवाई थाने में दर्ज हुआ मुकदमा
खोवाई थाने के ओसी मनोरंजन देव बर्मा ने अभिषेक समेत पांच लोगों के खिलाफ स्वतः शिकायत दर्ज कराई है। इनमें टीएमसी सांसद डोला सेन, कुणाल घोष, मंत्री ब्रात्य बसु, सुबल भौमिक और प्रकाश चंद्र दास के नाम शामिल हैं। इन पर धारा 186 व 34 के तहत सरकारी कार्य में बाधा डालने एवं पुलिस कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस से दुर्व्यवहार का आरोप
प्राथमिकी में कहा गया है कि रविवार सुबह 14 टीएमसी नेताओं और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद मंत्री ब्रत्य बसु और सांसद डोला सेन के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं का एक समूह खोवाई थाने पहुंचा और फिर उसके तुरंत बाद ही अभिषेक बनर्जी भी थाने पहुंच गए। पुलिस के मुताबिक टीएमसी नेताओं के समूह ने एडिशनल एसपी और अन्य पुलिस कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया और उन पर चिल्लाया भी।
त्रिपुरा पुलिस ने अब टीएमसी के शीर्ष नेताओं को खोवाई के एडिशनल एसपी और एसडीपीओ के साथ दुर्व्यवहार करने और पुलिस कर्मियों को ड्यूटी करने से रोकने के लिए मामला दर्ज किया है। वहीं कुणाल घोष इसे साजिश करार दिया और हमला करने वाले नेताओं को गिरफ्तार करने की मांग की है। बता दें कि वर्तमान में त्रिपुरा में बिप्लब देब के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार चल रही है और साल 2023 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित है।