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दिल्ली आने-जाने वालों के लिए बड़ा झटका, एंट्री पर बढ़ा चार्ज

Delhi ECC Hike: दिल्ली में कमर्शियल वाहनों पर ECC शुल्क बढ़ा दिया गया है, जिससे ट्रांसपोर्ट लागत में इजाफा होगा। नई दरों से लॉजिस्टिक्स और सप्लाई सेक्टर पर सीधा आर्थिक दबाव पड़ेगा।

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दिल्ली एंट्री टैक्स में बढ़ोतरी

Delhi Entry Tax: राजधानी दिल्ली में वाणिज्यिक (Commercial) वाहनों के प्रवेश को अब और महंगा कर दिया गया है। दिल्ली नगर निगम (MCD) ने पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क (Environmental Compensation Charge – ECC) में बढ़ोतरी कर दी है, जिससे ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स व्यवसाय से जुड़े लोगों की लागत बढ़ना तय है।

क्या बदला है ईसीसी शुल्क में?

एमसीडी द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार, दिल्ली में प्रवेश करने वाले भारी वाहनों पर अब पहले से अधिक शुल्क देना होगा।

श्रेणी-2 (Two XL ट्रक)
पहले ₹1400 शुल्क लगता था, जिसे बढ़ाकर अब ₹2000 कर दिया गया है।

तीन और चार एक्सल (3 & 4 XL ट्रक)
पहले ₹2600 का ईसीसी लगता था, जिसे अब बढ़ाकर ₹4000 कर दिया गया है।

यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर उन व्यवसायों को प्रभावित करेगी जो दिल्ली में माल की सप्लाई और ट्रांसपोर्ट पर निर्भर हैं।

रोजाना हजारों ट्रक करते हैं दिल्ली में प्रवेश

आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में हर दिन बड़ी संख्या में कमर्शियल वाहन प्रवेश करते हैं

  • लगभग 3500 Two XL ट्रक रोजाना दिल्ली आते हैं।
  • करीब 1500 Three और Four XL ट्रक प्रतिदिन प्रवेश करते हैं।
  • कुल मिलाकर 70,000 कमर्शियल वाहन औसतन NCR से दिल्ली में आते हैं।
  • इनमें कैब और टैक्सी सेवाएं भी शामिल हैं, जो शहर की ट्रैफिक व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं।

ECC शुल्क क्यों लिया जाता है?

ईसीसी (Environmental Compensation Charge) एक तरह का पर्यावरण कर है, जिसे वायु प्रदूषण के प्रभाव को कम करने और पर्यावरणीय नुकसान की भरपाई के लिए वसूला जाता है। यह शुल्क टोल नाकों पर एमसीडी द्वारा लिया जाता है। एकत्रित राशि दिल्ली सरकार के विशेष पर्यावरण खाते में जमा की जाती है। इसका उद्देश्य प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण सुधार योजनाओं को मजबूत करना है।

ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर पर असर

इस बढ़ोतरी से सबसे ज्यादा असर उन व्यवसायों पर पड़ेगा जो ट्रक और माल ढुलाई पर निर्भर हैं, जैसे पैकर्स एंड मूवर्स कंपनियां, मोटरसाइकिल और वाहन ट्रांसपोर्ट सेवा, थोक सामान सप्लाई करने वाले व्यापारी। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ी हुई लागत का असर अंततः उपभोक्ताओं तक भी पहुंच सकता है।

कमर्शियल वाहनों पर बड़ा बोझ

दिल्ली में बढ़ा हुआ ECC शुल्क पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक कदम जरूर है, लेकिन इससे व्यावसायिक वाहन संचालकों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ गया है। आने वाले समय में ट्रांसपोर्ट सेक्टर में लागत और सेवाओं की कीमतों में बदलाव देखने को मिल सकता है।