Two birthday parties, four murders: दिल्ली और बुलंदशहर में बर्थडे पार्टियों के दौरान 4 हत्याएं। दिल्ली में हेड कॉन्स्टेबल ने डिलीवरी बॉय को मारी गोली, बुलंदशहर में केक लगाने पर जिम ट्रेनर ने की 3 की हत्या।
Delhi Bulandshahr Birthday Murder News: केवल 80 किमी की दूरी पर शनिवार रात जन्मदिन की पार्टियां कत्लगाह में तब्दील हो गई। मामूली कहासुनी और गुस्से ने देखते ही देखते चार परिवारों के चिराग बुझा दिए। पहली घटना देश की राजधानी दिल्ली की है, जहां कानून के रखवाले ने ही गोली दाग दी, वहीं दूसरी वारदात बुलंदशहर की है, जहां केक लगाने के विवाद में तीन लोगों की हत्या कर दी गई।
दिल्ली के जाफरपुर कलां इलाके में पांडव कुमार (21) अपने दोस्त रूपेश के 2 साल के बेटे के जन्मदिन की पार्टी में शामिल होने गया था। रात करीब 2:30 बजे जब वह अपने दोस्त कृष्ण के साथ बाइक पर डिलीवरी के लिए निकल रहा था, तभी दिल्ली पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल नीरज बल्हारा (जो ऑन-ड्यूटी नहीं था) ने उन्हें रोक लिया। रूपेश ने पुलिस को बताया कि जैसे ही उन्होंने कहा कि वे बिहार से हैं, नीरज भड़क गया और गाली-गलौज करने लगा। बहस इतनी बढ़ी कि नीरज ने पिस्टल निकालकर गोली चला दी। गोली पांडव के सीने को चीरती हुई पीछे बैठे कृष्ण के पेट में जा लगी। पांडव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कृष्ण अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है। आरोपी हेड कॉन्स्टेबल को गिरफ्तार कर लिया गया है।
वहीं, दूसरी तरफ खौफनाक वारदात उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में हुई। यहां एक जिम में ट्रेनर जीतू का जन्मदिन मनाया जा रहा था। जश्न के दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने मस्ती में जीतू के चेहरे पर केक लगा दिया। चेहरे पर केक लगना जीतू और उसके साथियों को इतना नागवार गुजरा कि मामूली कहासुनी खूनी संघर्ष में बदल गई। जीतू और उसके सहयोगियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी, जिसमें अमर (26), मनीष (23) और आकाश (22) की मौत हो गई। बुलंदशहर के पुलिस अधीक्षक अंतरिक्ष जैन ने बताया कि इस मामले में नरेश, रूपेश और मयंक को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का मानना है कि इस विवाद के पीछे इलाके में वर्चस्व को लेकर पुरानी रंजिश भी हो सकती है।
इन दोनों घटनाओं के बीच की दूरी महज 80 किलोमीटर है। एक तरफ जहां दिल्ली पुलिस अपने ही विभाग के कर्मचारी की करतूत से शर्मसार है, वहीं बुलंदशहर पुलिस फरार मुख्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। दोनों ही मामलों ने यह साफ कर दिया है कि कैसे मामूली सा गुस्सा और अवैध हथियारों की सनक हंसते-खेलते परिवारों को तबाह कर सकती है।