
Uttarakhand Police Constable Sher Singh Jantar Mantar: दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। उत्तराखंड पुलिस की खाकी वर्दी पहनकर एक व्यक्ति धरना स्थल पर पहुंच गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही दिल्ली से लेकर देहरादून तक प्रशासनिक और पुलिस महकमे में अफरा-तफरी मच गई। छानबीन में सामने आया है कि वर्दी में दिख रहा शख्स उत्तराखंड पुलिस का बर्खास्त कांस्टेबल शेर सिंह है।
बता दें कि इस वायरल वीडियो में आरोपी शेर सिंह खाकी वर्दी पहने हुए गंभीर आरोप लगाता दिख रहा है। उसने वीडियो में कहा कि 'जब देश ही नहीं बचेगा तो इस नौकरी का क्या करूंगा? मैं उत्तराखंड पुलिस की नौकरी छोड़कर कॉकरोचों की रक्षा करने आया हूं।' इसके साथ ही वह मंच से अपने पद से इस्तीफा देने का दावा भी करता नजर आया। हालांकि, एक निलंबित और बर्खास्त सिपाही के वर्दी पहनकर जंतर-मंतर जैसे हाई-सिक्योरिटी वाले धरना स्थल तक पहुंचने पर सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस पूरे मामले पर फिलहाल पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शेर सिंह मूल रूप से उत्तराखंड के हरिद्वार जिले (रुड़की) का निवासी है। उसका पुलिस रिकॉर्ड विवादों से भरा रहा है। शेर सिंह पूर्व में पिथौरागढ़ जिले में तैनात था और आईजी गढ़वाल का गनर भी रह चुका है। वर्ष 2025 में ड्यूटी में लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोपों के चलते उसे निलंबित (Suspend) कर दिया गया था। लगभग 7-8 महीने पहले देहरादून एसटीएफ (STF) ने जमीन के लेन-देन से जुड़े एक मामले में प्रवीण बाल्मीकि गैंग की मुखबिरी करने के आरोप में शेर सिंह को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उसे जेल की हवा भी खानी पड़ी थी। शेर सिंह सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहता है और भीम आर्मी से जुड़ी गतिविधियों व वीडियो को शेयर करता रहा है। वर्दी के दुरुपयोग और सुरक्षा में चूक को लेकर दिल्ली और उत्तराखंड पुलिस की खुफिया एजेंसियां मामले की गहन जांच में जुट गई हैं।