भारत में कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि ओमिक्रॉन से संक्रमित होने का खतरा ऐसे लोगों को अधिक है, जो पहले से ही किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहा है या फिर जिसने कोरोना वैक्सीन की दोनों खुराकें नहीं ली हैं।
नई दिल्ली। कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के मामले भारत में तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके लेकर विशेषज्ञ लगातार लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। कहा जा रहा है कि यह वेरिएंट डेल्टा से अधिक तेजी से फैल रहा है। वहीं अब तो कोविड सुपरमॉडल पैनल ने दावा किया है कि ओमिक्रॉन वेरिएंट के चलते भारत में कोरोना की तीसरी लहर आ सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ओमिक्रॉन से संक्रमित होने का खतरा ऐसे लोगों को अधिक है, जो पहले से ही किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहा है या फिर जिसने कोरोना वैक्सीन की दोनों खुराकें नहीं ली हैं।
बुजुर्गों को सावधान रहने की जरूरत
बताया गया कि हार्ट संबंधी बीमारी, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और सांस की बीमारी से जूझ रहे लोगों को इस ओमिक्रॉन वेरिएंट से संक्रमित होने का खतरा ज्यादा है। इसके साथ ही विशेषज्ञों का कहना है कि कमजोर इम्यूनिटी या बुजुर्ग लोगों को इससे अधिक सावधान रहने की जरूरत है। ऐसे लोगों के लिए ओमिक्रॉन घातक साबित हो सकता है।
कोरोना को लेकर अब तक किए गए तमाम अध्ययनों में सामने आया है कि यह वायरस मरीज के फेफड़ों को प्रभावित करता है। ऐसे में जो लोग फेफड़ों से संबंधित बीमारियों से जूझ रहे हैं, उन्हें इस महामारी से सबसे अधिक खतरा है। इसके साथ ही कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को भी ओमिक्रॉन से सावधान रहने की सलाह दी जा रही है। वहीं डायबिटीज, दिल की बीमारियों या कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को ओमिक्रॉन से अधिक खतरा है।
इन लोगों को कोरोना से सबसे अधिक खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि स्वस्थ्य इंसान और कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगवा चुके लोगों को ओमिक्रॉन से संक्रमित होने का खतरा थोड़ा कम हो जाता है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि आप कोरोना से बिल्कुल सुरक्षित हैं। इसके साथ ही अगर बच्चों में कोरोना के खतरे की बात करें तो 5 साल से कम उम्र के बच्चों में इसका ज्यादा असर देखा गया है। बता दें कि अभी देश में बच्चों को कोरोना वैक्सीन नहीं लग रही है, ऐसे में बच्चों को अधिक सक्रिय रहने की जरूरत है।
बता दें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन लगातार लोगों को इस वेरिएंट से सतर्क रहने की सलाह दे रहा है। संगठन का कहना है कि ओमिक्रॉन दुनियाभर में तेजी से फैल रहा है। डेढ़ से दो दिनों में इस वेरिएंट के मामले दोगुने हो रहे हैं। इस वेरिएंट को हल्के में लेने की गलती न करें।