समाचार

90 प्रतिशत किचन शेड हो गए हैं जर्जर, नहीं बनाए जा रहे नए शेड

घरों से बन रहा मध्याह्न भोजन, नहीं हो पाती मॉनीटरिंग

less than 1 minute read
Feb 05, 2025
जर्जर किचन शेड

बीना. शासकीय प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल में बनाए गए किचन शेड जर्जर हो चुके हैं। 90 प्रतिशत किचन शेड इस स्थिति में है कि मरम्मत भी नहीं कराई जा सकती है। कई जगह जर्जर शेडों में मध्याह्न भोजन बनाने वाले समूह की महिलाओं को खतरा बना रहता है।
स्कूलों में किचन शेड का निर्माण पंचायतों ने कराया था, लेकिन निर्माण के समय किए गए घटिया निर्माण के कारण कुछ माह में ही शेड जर्जर होने लगे थे और अब यह स्थिति हो गई है कि वह उपयोग लायक भी नहीं बचे हैं। अधिकांश समूह मध्याह्न भोजन घर से ही तैयार कर रहे हैं। जिन समूहों के पास घर में व्यवस्था नही है वह मजबूरी में जर्जर शेड में ही भोजन बनाते हैं। घरों से बन रहे मध्याह्न भोजन के कारण मॉनीटरिंग भी नहीं हो पाती है। कई जगह स्कूलों के अतिरिक्त कक्षों में भी मध्याह्न भोजन तैयार किया जा रहा है, जिससे अतिरिक्त कक्ष खराब हो गए हैं।

10 प्रतिशत हैं मरम्मत लायक
जानकारी के अनुसार स्कूलों के 90 प्रतिशत किचन शेड मरम्मत लायक भी नहीं बचे हैं और शेष दस प्रतिशत ही हैं, जिनकी मरम्मत की जा सकती है। इसको लेकर जिला पंचायत के अधिकारियों को पत्र भी लिखे जा चुके हैं।

बनाई गई है सूची
जर्जर किचन शेडों की सूची तैयार की गई है और जिला पंचायत, जनपद पंचायत के अधिकारियों को जानकारी भेज दी गई है।
महेन्द्र सिंह, बीआरसीसी, बीना

Published on:
05 Feb 2025 11:57 am
Also Read
View All