साइबर ठग हर बार नए-नए तरीके इजाद कर आमजन के गाढ़े पसीने की कमाई को लूट रहे हैं। अब तक बदमाश सोशल मीडिया पर मदद तथा ओटीपी मांग कर रुपए ठग लेते थे। लेकिन, इस बार साइबर अपराधियों ने सीधे आयकर विभाग का प्रतिनिधि बताकर दस लाख रुपए की ठगी की वारदात को अंजाम दिया है।
डूंगरपुर. साइबर ठग हर बार नए-नए तरीके इजाद कर आमजन के गाढ़े पसीने की कमाई को लूट रहे हैं। अब तक बदमाश सोशल मीडिया पर मदद तथा ओटीपी मांग कर रुपए ठग लेते थे। लेकिन, इस बार साइबर अपराधियों ने सीधे आयकर विभाग का प्रतिनिधि बताकर दस लाख रुपए की ठगी की वारदात को अंजाम दिया है। प्रार्थी की ओर से दी गई रिपोर्ट के आधार पर साइबर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दीवड़ा छोटा निवासी यज्ञनारायण पुत्र हीरागिरी गोस्वामी ने रिपोर्ट में बताया कि उस पर एक वर्ष पूर्व एक अंजान नंबर से फोन आया। कॉलर के बैंक खाते में राशि को लेकर पड़ताल करते हुए कहा कि आपके खाते में इतनी राशि कहां से आई। कॉलर ने गोस्वामी को राशि की जांच करने एवं विभागीय कार्रवाई का हवाला देते हुए झांसे में लिया। आयकर विभाग की ओर से छापा मारे जाने की बात सुनकर गोस्वामी घबरा गया। कॉलर ने कार्रवाई को रुकवाने की एवज में छह लाख रुपए की मांग की। इस पर प्रार्थी रुपए ट्रंासफर करने के लिए राजी हो गया। गोस्वामी ने २३ जनवरी २०२३ को कॉलर द्वारा बताए बैंक खाते में १५ हजार रुपए ट्रंासफर किए। यह खाता राहुल कुमार के नाम का था। इसके बाद उसने ३१२३० रुपए भेजे। इस तरह से पीडि़त ने आरोपी के बताए अनुसार अलग-अलग खातों में से दस लाख १६ हजार ३०० रुपए ट्रांसफर किए। इसके बाद ठग द्वारा लगातार रुपए मांगे जाने पर प्रार्थी ने साइबर थाने में रिपोर्ट दी। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। वहीं, ठग ने अपना नाम अविनाश मित्तल बताया था।